'आप भारत, इजरायल और पूरी दुनिया के सच्चे हीरो हैं.' इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन शब्दों के साथ भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की. फ्लाईदुबई फ्लाइट को क्रैश होने से बचाने के लिए कैप्टन स्मित की बहादुरी को सलाम किया जा रहा है. पीएम नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले साल इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया.
इजरायल के स्वतंत्रता दिवस की मशाल जलाएंगे कैप्टन स्मित, नेतन्याहू ने PM मोदी को भी दिया न्योता
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम किया. उन्होंने फोन पर बातचीत में कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस में शामिल होने का न्योता दिया.

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और कैप्टन स्मित के बीच फोन पर बातचीत हुई. इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने 4 अक्टूबर को दोनों की बातचीत का वीडियो X पर शेयर किया. नेतन्याहू ने कैप्टन का हालचाल पूछा और उन्हें इजरायल आने का न्योता दिया. नेतन्याहू ने कहा,
"कैप्टन, मैं आपको और मेरे प्रिय मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमारे अगले स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं."
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमान के को-पायलट के हमले से कैप्टन स्मित मच्छार बुरी तरह घायल हो गए. लेकिन, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे.
सऊदी अरब के तबुक में प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग हुई. उनकी बहादुरी से प्लेन में सवार सभी 174 लोगों की जान बच गई. अब कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में चल रहा है. उन्हें सऊदी अरब से यहां शिफ्ट किया गया.
कॉकपिट में क्या हुआ?प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से प्लेन के कॉकपिट में हुई घटना के बारे में भी पूछा. कैप्टन स्मित ने बताया कि ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने प्रार्थना करने की बात कही. कैप्टन ने प्रधानमंत्री को बताया कि यहां पायलटों का प्रार्थना करना आम बात है, तो उन्होंने सम्मान में पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे देखते रहे. करीब 4-5 मिनट बाद उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार हमला हुआ.
अचानक हुए हमले से उन्हें लगा कि शायद प्लेन से कुछ टकराया है. दूसरी बार हमला हुआ, तो कैप्टन समझ गए कि ओमानी को-पायलट ने ही उन पर हमला किया. कैप्टन कॉकपिट के फर्श पर गिर गए. उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन को-पायलट ने गेट खोलने नहीं दिया. इस बीच, प्लेन तेजी से नीचे जा रहा था.
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दूसरी कोशिश में खुला गेटयात्री चिल्ला रहे थे, और कॉकपिट का दरवाजा खुलने का इंतजार कर रहे थे. कैप्टन स्मित ने बताया कि उन्हें ऐसा लगा कि वे मरने वाले हैं. फिर उन्होंने पूरी जान लगाकर दूसरी कोशिश की, जिसमें दरवाजा खुल गया. गेट खुलते ही बाहर खड़े लोग अंदर घुसे और को-पायलट को काबू किया. इसके बाद प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग हो पाई.
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