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'महिलाएं गवर्नर के यहां... ' ममता बनर्जी ऐसा क्या बोलीं कि सुनते ही राज्यपाल ने मुकदमा ठोक दिया?

West Bengal के Governor CV Ananda Bose और CM Mamata Banerjee के बीच तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. राज्यपाल ने कलकत्ता हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री के खिलाफ मानहानि का केस ठोक दिया है. आखिर हुआ क्या है?

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पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राज्यपाल और मुख्यमंत्री आमने-सामने (फोटो-पीटीआई)

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राज्यपाल और मुख्यमंत्री आमने-सामने हैं. इस बार गवर्नर CV आनंद बोस (Bengal Governor CV Bose files defamamtion case against Mamata Banerjee ) ने कलकत्ता हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया है. गवर्नर ने मानहानि का यह मुकदमा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वारा की गई उस टिप्पणी को लेकर किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं ने उनसे शिकायत की है कि वे राजभवन में हालिया घटनाओं के कारण वहां जाने से डरती हैं.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरूवार 27 जून को राज्य सचिवालय में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया था, 

‘महिलाओं ने मुझसे शिकायत की है कि वे राजभवन में हाल ही में हुई घटनाओं के कारण वहां जाने से डर रही हैं.’

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ममता बनर्जी का ये बयान एक महिला कर्मचारी की ओर से गवर्नर आनंद बोस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के कुछ सप्ताह बाद सामने आया है. दरअसल, 2 मई को राजभवन की एक संविदा महिला कर्मचारी ने गवर्नर बोस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने भी जांच शुरू की थी. हालांकि, राज्यपाल आनंद बोस ने आरोपों को निराधार बताया है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर गवर्नर आनंद बोस ने शुक्रवार 28 जून को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत टीएमसी के अन्य नेताओं द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों के लिए मानहानि का मुकदमा दायर किया. गवर्नर आनंद बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा, 

‘जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वह गलत और बदनामी वाली धारणा न बनाएं.’

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इस मामले पर टीएमसी की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने कहा कि वह पार्टी नेताओं से चर्चा किए बिना इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी. सेन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 

‘मुझे पार्टी नेतृत्व से बात करनी होगी ताकि पता चल सके कि असल में क्या हुआ. यह काफी संवेदनशील मामला है.’

वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने मामले पर कहा कि गवर्नर बोस ने सही फैसला लिया है. सिन्हा ने कहा, 

‘मुझे लगता है कि राज्यपाल बोस ने सही फैसला लिया है. उन्हें यह फैसला बहुत पहले ही ले लेना चाहिए था. मैं इसके लिए उनका पूरा समर्थन करता हूं.’

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इस मामले पर वरिष्ठ माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बोस और बनर्जी के बीच टकराव से राज्य को कोई फायदा नहीं हो रहा है. चक्रवर्ती आगे बोले, 'यह टकराव वास्तव में हमें नुकसान पहुंचा रहा है. ऐसा लगता है कि वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को भूल गए हैं. उनके कृत्य राष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम बंगाल की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं.’
 

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