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ये 2023 का भारत है, यहां फोन की फ्लैशलाइट से मरीजों का इलाज हो रहा है

शार्ट सर्किट के कारण अस्पताल की बिजली चली गई. लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी सरकारी अस्पताल से बिजली गायब है.

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टॉर्च की लाइट में इलाज करते डॉक्टर (फोटो- ट्विटर)

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में एक सरकारी अस्पताल के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. अस्पताल के अंदर अंधेरा है. कई मरीज इधर-उधर बैठे हुए हैं. एक कमरे में डॉक्टर फोन की फ्लैशलाइट की रोशनी में मरीज का इलाज करते दिख रहे हैं. खबर है कि अस्पताल में शॉर्ट सर्किट हो गया था, आग लग गई थी. लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी अस्पताल से बिजली गायब है.

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NDTV से जुड़े अनुराग द्वारी ने इस मामले पर रिपोर्ट तैयार की है. मामला जिले के बास्तानार ब्लॉक का है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक में ये एकमात्र बड़ा अस्पताल है, जिस पर आसपास के सभी गांव के लोग निर्भर हैं. शॉर्ट सर्किट के चलते यहां आग लग गई थी. अब बिजली लाने के लिए निर्देश पर निर्देश दिये जा रहे हैं लेकिन बिजली नहीं आ पा रही है.

चूंकि अस्पताल है तो बिजली तुरंत आ जानी चाहिए थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस बीच 29 सितंबर को किलेपाल में एक बस और ट्रक के बीच टक्कर हो गई. हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए. किसी तरह घायलों को इस सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पता चला कि बिजली ही नहीं है. गंभीर रूप से घायल मरीजों को दिमारापाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. बाकियों का इलाज टॉर्च की रोशनी में हुआ.

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एक दूसरे वीडियो में छोटी बच्ची हाथ में फोन की लाइट जलाए खड़ी है और डॉक्टर पेपरवर्क कर रहे हैं. घायल यात्रियों के परिजनों ने इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. 

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मामले पर स्थानीय विधायक राजमन बेंजामिन का कहना है कि उन्होंने बिजली विभाग से दूसरी व्यवस्था करने और अस्पताल में सभी समस्याओं को तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया है.

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PWD के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी अजय कुमार टेम्बर्न ने NDTV को बताया कि शॉर्ट सर्किट की घटना के तुरंत बाद इमारत में शुरुआती मरम्मत कर दी गई थी. 

वहीं इलाके के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. अरिजीत चौधरी ने कहा है कि मरम्मत के लिए एक महीने पहले बिजली विभाग को चिट्ठी भेजी गई थी, जिसमें बताया गया था कि बारिश के चलते दीवारों पर नमी है और शॉर्ट सर्किट हो सकता है. खबर है कि विभाग के उच्च अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर अस्पताल के लिए जेनरेटर की मांग की गई है.

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