माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और शूटर गुलाम मोहम्मद 2 महीने में 6 शहर बदले थे. इस दौरान उसने कम से कम 10 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था. यूपी पुलिस के कुछ अधिकारियों ने NDTV को इसकी जानकारी दी है. अधिकारियों के मुताबिक असद उमेश पाल पर हमला करने के बाद सबसे पहले प्रयागराज से लखनऊ आया था. लखनऊ में कुछ समय बिताने के बाद वो कानपुर भाग गया. कानपुर से मेरठ गया और मेरठ में करीब एक हफ्ते तक छिपा रहा. इसके बाद वो अपने साथी गुलाम के साथ दिल्ली चला गया. दोनों दिल्ली के संगम विहार इलाके में कुछ दिन रहे और फिर राजस्थान के अजमेर पहुंच गए. यहां से उन्होंने मध्य प्रदेश भागने का फैसला किया.
असद ने बदले 6 शहर और 10 सिम, 2 महीने तक कैसे देता रहा STF को चकमा?
बड़े-बड़े शहरों में रुका, भनक तक ना लगी!


पुलिस सूत्रों ने कहा कि अतीक के गैंग में उनका एक मुखबिर था, जो उन्हें असद के ठिकानों के बारे में बताता रहता था. उत्तर प्रदेश लौटने के बाद जैसे ही असद अपने साथी के साथ झांसी पहुंचा तो पुलिस ने शहर में जगह-जगह छापेमारी शुरू कर दी. पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर मध्य प्रदेश के लिए निकले थे, तभी STF टीम ने उन्हें रास्ते में घेर लिया.
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जैसे ही 12 सदस्यीय टीम ने उन्हें घेरा तो गुलाम ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. पुलिस टीम की जवाबी गोलीबारी में असद और उसका साथी ढेर हो गया. उनके पास से पुलिस को विदेशी हथियार बरामद हुए हैं. पुलिस ने बताया कि ये मुठभेड़ करीब 30 मिनट चली, जिसमें 43 राउंड फायर हुए.
असद अहमद साल 2005 में बसपा विधायक की हत्या के गवाह और वकील उमेश पाल की हत्या के मामले में वांछित था. उमेश पाल की 24 फरवरी 2023 को हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल को प्रयागराज में उनके घर के बाहर गोली मार दी गई थी. उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी को भी गोली लगी थी. असद वारदात की सीसीटीवी फुटेज में बंदूक के साथ नजर आया था.
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