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CM ऑफिस नहीं जाएंगे..., अरविंद केजरीवाल को किन-किन शर्तों पर मिली अंतरिम जमानत?

कोर्ट के आदेश के बाद केजरीवाल आज ही तिहाड़ जेल से बाहर आ सकते हैं.

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2 जून को सरेंडर करेंगे केजरीवाल (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली के शराब नीति मामले में कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी है. कोर्ट ने केजरीवाल को वापस 2 जून को सरेंडर करने का आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद केजरीवाल आज (10 मई) ही तिहाड़ जेल से बाहर आ सकते हैं. अब वो एक जून तक हिरासत से बाहर रहेंगे. लेकिन कुछ शर्तों के साथ.

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क्या है केजरीवाल की जमानत की शर्तें?

1. अरविंद केजरीवाल 2 जून को सरेंडर करेंगे.

2. 50 हजार रुपये की जमानत राशि जमा करेंगे.

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3. केजरीवाल मुख्यमंत्री कार्यालय या दिल्ली सचिवालय नहीं जाएंगे.

4. उन आधिकारिक फाइलों पर साइन नहीं करेंगे, जब तक उसमें दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) की मंजूरी जरूरी नहीं हो.

5. केजरीवाल मौजूदा केस में अपनी भूमिका को लेकर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.

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6. वे किसी भी गवाह के साथ बातचीत नहीं करेंगे. या किसी भी तरह से उन्हें प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि अंतरिम जमानत को केस की मेरिट पर किसी विचार या अभिव्यक्ति के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि मामला अभी विचाराधीन है.

21 मार्च को गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल तिहाड़ जेल में हिरासत में रखे गए थे. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. 7 मई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि केजरीवाल को अंतरिम जमानत देने पर विचार किया जाएगा. जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की बेंच ने अंतरिम जमानत का आदेश दिया है.

ये भी पढ़ें- दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल का नाम आया कैसे?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केजरीवाल की जमानत का विरोध किया था. जांच एजेंसी का कहना था कि सिर्फ राजनेता होने के कारण केजरीवाल को किसी दूसरे अपराधी से अलग नहीं देखा जा सकता है. ईडी ने ये भी कहा था कि जमानत देने से गलत मिसाल कायम होगी.

देश में पहली बार पद पर बैठे किसी मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी केजरीवाल के रूप में हुई थी. क्योंकि गिरफ्तारी से पहले उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया था. हिरासत में जाने के बाद भी उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया.

वीडियो: अरविंद केजरीवाल के PA को बर्खास्त क्यों किया गया?

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