भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है पद्म विभूषण. वो जिन सात लोगों को मिला है उनमें से एक हैं NCP सुप्रीमो शरद पवार. तो भैया अवॉर्ड और पॉलिटिक्स का वैसा ही गठबंधन है जैसा पटरे की चड्डी के साथ नाड़े का. एक का दूसरे के बिना अस्तित्व ही नहीं है. इसी गठबंधन को बरकरार रखने के लिए केजरीवाल ने मोदी जी के लिए पहला नागरिक सम्मान अर्थात भारत रत्न देने की सलाह दी है. ये बात केजरीवाल को सूझी कैसे? ऐंवई तो आइडिया आया नहीं होगा. दरअसल पीएम मोदी की वो स्पीच केजरीवाल को याद रह गई जब उन्होंने NCP का फुल फॉर्म नैचुरली करप्ट पार्टी बताया था. कहा था कि ये तो भ्रष्टाचारवादी पार्टी है. अब उसी पार्टी के हेड को अवॉर्ड दिया जाएगा तो केजरीवाल मौका काहे छोड़ेंगे. पलटू-पलटू कहकर दौड़ा नहीं लेंगे.
इस मौके पर मिनी इतिहास याद कर लेना चाहिए. शरद पवार को एक बार हरविंदर सिंह नाम के आदमी ने थप्पड़ मारा था. अरविंद केजरीवाल को भी एक बार एक ऑटो ड्राइवर ने थप्पड़ मारा था. बाद में वो उससे मिलने भी गए थे. वैसे आम आदमी पार्टी में एक जरनैल सिंह भी हैं जिन्होंने 2009 में तब के वित्तमंत्री पी चिदंबरम की तरफ जूता फेंका था. तो ये कंटाप से होते हुए पद्म पुरस्कारों तक आ चुकी राजनीति में युगांतरकारी ट्विस्ट हैं न. केजरीवाल नाराज हैं इस कांड से, शिवसेना खुश है. और शरद पवार ने अपना अवॉर्ड किसानों को समर्पित कर दिया है. पता नहीं देश में हो क्या रहा है. ये भी पढ़ें: मोदी जी के अमीर दोस्त ने बुर्ज खलीफा तिरंगा करा दिया, बस एक वादा और है केशव मौर्य का बयान सच में तोड़ा-मरोड़ा ही गया होगा प्रियंका गांधी से सुंदर महिलाएं स्टार कैंपेनर हैं: बीजेपी सांसद विनय कटियार














