
अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू
अरुणाचल के उपमुख्यमंत्री चोवना मेन ने कहा, "हम बंगले को गेस्ट हाउस में बदल रहे हैं. इस बारे में फैसला किया जा चुका है. और जल्द ही जरूरी मरम्मत का काम भी कराया जाएगा ताकि गेस्ट हाउस को तीन चार महीने में शुरू किया जा सके. लोगों के मन से बंगले के भुतहा होने का भय और वहम दूर करने के लिए सरकार वहां पूजा-पाठ भी कराएगी." नाबाम तुकी के मुख्यमंत्री काल में बंगले का जायजा लेने वाली गुवाहाटी की वास्तु विशेषज्ञों की टीम ने बंगले की डिजाइन में वास्तु -दोष पाया था. और वाटर पंप को मौजूदा दक्षिण-पश्चिम से हटाकर उत्तर-पूर्व करने के लिए कहा था. साथ ही बंगले के सामने मौजूद नारियल के पेड़ सहित कई और बदलाव करने के लिए कहा था.
इस बंगले का निर्माण 2007-09 में शुरू किया गया था. और यह 2009-10 में बनकर तैयार हुआ था. कुल 2794.80 वर्गमीटर क्षेत्रफल में फैले इस बंगले को बनाने में उस वक्त 59.55 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इसका निर्माण पीडब्ल्यूडी की देखरेख में शुरू हुआ था. इसकी डिजाइन शहरी विकास मंत्रालय तथा शहर नियोजन विभाग के चीफ इंजिनियर ने तैयार की थी. अरुणाचल में नेता काला-जादू के चक्कर में फंसे हैं. नेताओं का काम होता है कि जनता को अंधविश्वास के खिलाफ जागरूक करें. पर यहां तो उल्टा हो रहा है. अब मुख्यमंत्री के बंगले को जब गेस्ट हाउस बनाने का फैसला ले ही लिया गया है. तो देखना ही कि इससे क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ता है राज्य की राजनीति में.












