इसकी स्क्रिप्ट न समझ आई हो तो हिंदी में पढ़ो. "कुछ गुंडों की वजह से तुम आज हिंदू.. बोल रहे हो इस्लामिक टेररिज्म बोलने में...है...तुम्हें गुंडई और टेररिज्म में फर्क नहीं पता." ये एक्स्ट्रा डॉट वाली जगहों पर गाली लिखी है, कृपया इग्नोर करें. मतलब ये तो वही बात हो गई आप कुल्फी को खराब बोल दो तो अगला कहे वनीला आइसक्रीम के बारे में क्यों नहीं बोला. वो तो बड़ी अच्छी लगी तुझे. लेकिन अनुराग के पास इस बात का जवाब था. क्योंकि उसने सिर्फ ट्विटर पर खाता तो खोल नहीं रखा. उसका अपना अलग काम भी है फिल्म बनाने वाला. तो वहीं से ये जवाब निकला कि "ब्लैक फ्राइडे तेरे बाप ने बनाई थी ना, किराए के देशभक्त."
बाकी लड़ाई झगड़ा, फिल्म, इतिहास, अभिव्यक्ति की आजादी वगैरह अपनी जगह है लेकिन ट्विटर पर काम करने से पहले रियल लाइफ में काम कर लेने से बात में वजन आता है. अनुराग भैये घाट घाट का पानी पिया आदमी, उससे गूगल सर्च वाले कितनी देर भिड़ पाएंगे. एक और ट्वीट किया बेइज्जती वाला. गुस्से वाला है लेकिन भाषा असंसदीय होते होते रह गई. इसमें लगाया है कलयुग का ब्रह्मास्त्र, द स्क्रीनशॉट. वो भी विकीपीडिया का. मलिक मोहम्मद जायसी की जीवनी है जिसमें उनके काव्य पद्मावत का जिक्र है. जो लिखा गया 1540 में. ये भी लिखा है कि अलाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मावती के रूप से मोहित होकर 1303 में चित्तूर पर हमला किया था.
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