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'हिंदू पर बोलते हो मुस्लिम पर क्यों नहीं' कहने वाले ट्रोलर को अनुराग कश्यप ने सुट्ट कर दिया

बात संजय लीला भंसाली से चलकर बाप तक आ गई.

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फोटो - thelallantop
अनुराग कश्यप दौड़ दौड़ के ट्विटर की खलिहर ट्रोल सेना से जैसे भिड़ जाते हैं, कभी कभी लगता है कि अब दुनिया बदल जाएगी. लेकिन ट्रोलर उनसे एक मामले में आगे निकल जाते हैं. गालियों के. वो ट्विटर पर आज संजय लीला भंसाली का सपोर्ट करके इतनी गालियां पा चुके हैं कि उन्हें इस्तेमाल करने से उनकी फिल्म रिच हो जाए. अगर वो दो दिन खाना न खाएं तो सिर्फ गालियों की फोटोकॉपी पर गुजारा हो सकता है. संजय लीला भंसाली पर हुए अटैक पर पूरा बॉलीवुड भर्त्सना कर रहा है. भले हार्ड या सॉफ्ट तरीके से. लेकिन अनुराग कश्यप पूरी तरह संजय के समर्थन में आए हैं. इस कायराना हरकत के खिलाफ उनका गुस्सा ट्विटर पर निकला. उन्होंने लिखा कि "हिंदू एक्स्ट्रीमिस्ट की सेना ट्विटर से निकलकर असली दुनिया में आ गई है. हिंदू आतंकवाद अब सिर्फ मिथ नहीं रहा." फिर क्या था. जिनकी बात वो कर रहे थे वो वापस ट्विटर पर आ गए. मोदी तक को न छोड़ने वाले अनुराग को गालियों के अलावा एक ट्रोलर ने मार्के की बात कह दी.  सवाल '84 में कहां थे' वाली टोन का था. पहले सवाल देख लो. anu1 इसकी स्क्रिप्ट न समझ आई हो तो हिंदी में पढ़ो. "कुछ गुंडों की वजह से तुम आज हिंदू.. बोल रहे हो इस्लामिक टेररिज्म बोलने में...है...तुम्हें गुंडई और टेररिज्म में फर्क नहीं पता." ये एक्स्ट्रा डॉट वाली जगहों पर गाली लिखी है, कृपया इग्नोर करें. मतलब ये तो वही बात हो गई आप कुल्फी को खराब बोल दो तो अगला कहे वनीला आइसक्रीम के बारे में क्यों नहीं बोला. वो तो बड़ी अच्छी लगी तुझे. लेकिन अनुराग के पास इस बात का जवाब था. क्योंकि उसने सिर्फ ट्विटर पर खाता तो खोल नहीं रखा. उसका अपना अलग काम भी है फिल्म बनाने वाला. तो वहीं से ये जवाब निकला कि "ब्लैक फ्राइडे तेरे बाप ने बनाई थी ना, किराए के देशभक्त." anu2 बाकी लड़ाई झगड़ा, फिल्म, इतिहास, अभिव्यक्ति की आजादी वगैरह अपनी जगह है लेकिन ट्विटर पर काम करने से पहले रियल लाइफ में काम कर लेने से बात में वजन आता है. अनुराग भैये घाट घाट का पानी पिया आदमी, उससे गूगल सर्च वाले कितनी देर भिड़ पाएंगे. एक और ट्वीट किया बेइज्जती वाला. गुस्से वाला है लेकिन भाषा असंसदीय होते होते रह गई. इसमें लगाया है कलयुग का ब्रह्मास्त्र, द स्क्रीनशॉट. वो भी विकीपीडिया का. मलिक मोहम्मद जायसी की जीवनी है जिसमें उनके काव्य पद्मावत का जिक्र है. जो लिखा गया 1540 में. ये भी लिखा है कि अलाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मावती के रूप से मोहित होकर 1303 में चित्तूर पर हमला किया था. an
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