जालसाजी और जबरन वसूली के मामले में कुछ दिन पहले पकड़े गए एक फ्रॉडिये हिरेन भगत को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया है. हिरेन पर आरोप है कि उसने खुद को ED का अफसर बताकर ट्रेवल कंपनी Cox and Kings के प्रमोटर से उगाही की. हिरेन भगत उर्फ रोमी भगत को पिछले महीने 164 करोड़ रुपये की उगाही में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था. अब उसके बारे में कई खुलासे हो रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, भगत ने Cox and Kings के प्रमोटर अजय पीटर केरकर के पिता अजीत केरकर से 10 करोड़ रुपये की उगाही की थी.
रोमी ने ED का अफसर बन कर अमीरों से करोड़ों ऐंठे, बड़ी मुश्किल से हत्थे चढ़ा
हिरेन भगत उर्फ रोमी भगत को पिछले महीने 164 करोड़ रुपये की उगाही में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था. अब उसके बारे में कई खुलासे हो रहे हैं.

7 मार्च को ED की टीम ने मुंबई में हिरेन भगत से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसी ने राजेश चतुर्वेदी नाम के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के कई ठिकानों पर भी छापा मारा था.
इंडिया टुडे में सूत्रों के हवाले से आई खबर के मुताबिक, हिरेन का संपर्क अजीत केरकर से राजेश चतुर्वेदी ने ही कराया था. मुंबई पुलिस के सूत्रों ने साल 2022 में बताया था कि ताज होटल के मैनेजिंग डायरेक्टर रहे अजीत केरकर को हिरेन ने धमकी दी थी. उसने जेल में बंद उनके बेटे अजय केरकर को क्षति पहुंचाने की धमकी देकर 10 करोड़ रुपये की उगाही की थी.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, भगत एक बिल्डर से जुड़े 164 करोड़ रुपये के जबरन वसूली मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में था. इसके बाद 15 फरवरी को वसूली के एक और मामले में मुंबई पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था. 16 फरवरी को उसे कोर्ट में पेश किया गया था. 21 फरवरी तक के लिए भगत को पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था.
रिपोर्ट के अनुसार, अजीत केरकर के बेटे अजय केरकर को कुछ साल पहले मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने गिरफ्तार किया था. अजय पर कम से कम 10 बैंकों से धोखाधड़ी कर 3000 करोड़ रुपये का फ्रॉड करने का आरोप है. इसके साथ ही ED ने PMLA के तहत अजय पर मनी लॉन्ड्रिंग के कई केस भी दर्ज किए थे. तब से वो जूडिशियल कस्टडी में हैं.
हिरेन ने कैसे उगाही की?जब अजय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर रहे थे, उस वक्त मामले के एक गवाह ने जनवरी 2020 के आसपास अजय के पिता अजीत केरकर को भगत से मिलवाया था. भगत ने खुद को ED का अधिकारी बताया था. उसने अजय के खिलाफ की गई कार्रवाई की डिटेल्स भी साझा की थी. इस कारण अजीत को भगत के इस दावे पर विश्वास हो गया कि वो ED का अधिकारी है.
अजीत के बेटे की मदद करने के एवज में भगत ने उनसे पैसे लिए. मामले में दर्ज FIR की माने तो भगत ने अजीत से 9 करोड़ रुपये की उगाही की, जिसमें ज्यादातर नकद थे. साथ ही 75 लाख रुपये की लग्जरी घड़ी भी थी. हालांकि, भगत ने उनकी किसी भी तरह की मदद नहीं की, जिसके बाद अजीत ने उन्हें पैसे देना बंद कर दिया.
अखबार ने क्राइम ब्रांच के सूत्रों के हवाले से लिखा कि इसके बाद भगत ने अजीत को बंदूक की नोक पर धमकी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए तो वो आर्थर रोड सेंट्रल जेल में बंद उनके बेटे अजय को नुकसान पहुंचाएंगे. सूत्रों ने ये भी कहा कि भगत से पीड़ित हुए कई और लोग भी सामने आए हैं. इन सभी ने मुंबई पुलिस से संपर्क किया है. इस वजह से भगत के खिलाफ कई और जबरन वसूली के मामले दर्ज होने की संभावना है.
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