ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब सिर्फ पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा तक सीमित नहीं है. यह मौका अपने वतन और अपने नेता के लिए सम्मान जताने का भी है. ग्रैंड मुसल्ला मस्जिद में अंतिम दर्शन के लिए दुनिया के कोने-कोने से लोग पहुंच रहे हैं. आंखें नम हैं. इन्हीं चेहरों में यूनाइटेड किंगडम (UK) से 4000 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करके पहुंचीं माजिया भी हैं. उनके लिए दुख की घड़ी में वतन से दूर रहना मुनासिब नहीं था. अपनी मिट्टी की मोहब्बत और सर्वोच्च नेता को श्रद्धांजिल देने माजिया तेहरान आई हैं.
'US ने ऐसा करके ईरान को मजबूत... ' 4000 km दूर से ईरान पहुंची महिला की बात ट्रंप को हिला देगी
Ali Khamenei के अंतिम दर्शन के लिए United Kingdom से पहुंची ईरानी महिला का बयान Donald Trump की ईरान को दी गई धमकी की याद दिलाती है. ट्रंप ने कहा था कि अगर संघर्ष आगे बढ़ा, तो ईरान की 'पूरी सभ्यता आज रात खत्म हो जाएगी.'


इंडिया टुडे की फॉरेन अफेयर्स एडिटर गीता मोहन से बात करते हुए माजिया ने कहा कि अमेरिका-इजरायल ने जो किया, उसने ईरान को और ज्यादा मजबूत बना दिया है. ईरानियों को और भी ज्यादा एकजुट कर दिया है. माजिया ने बताया कि बाहरी दबाव यानी अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता ने ईरान के इरादों को और मजबूत ही किया है.
'ईरान को कोई खत्म नहीं कर सकता'अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए माजिया ने कहा,
"मैं यहां दुनिया को यह बताने आई हूं कि कोई भी 4000 साल पुरानी (ईरानी) सभ्यता को खत्म नहीं कर सकता. जो इसे खत्म करना चाहता है, वह असल में अपने ही देश को खत्म कर रहा है."
उनका बयान डॉनल्ड ट्रंप की उस धमकी को याद दिलाता है, जो उन्होंने इस साल ईरान के साथ संघर्ष के दौरान दी थी. ट्रंप ने कहा था कि अगर संघर्ष आगे बढ़ा, तो ईरान की 'पूरी सभ्यता आज रात खत्म हो जाएगी.'
माजिया ने पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका की दूसरे देशों में दखलंदाजी का भी विरोध किया. उन्होंने कहा कि हमें दूसरे देशों के संसाधन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना होगा. उन्होंने नाम लेकर कहा कि अमेरिका ने मिलिट्री एक्शन के जरिए वेनेजुएला पर कब्जा किया, और अब वो तेल समेत उसके रिसोर्सेज का फायदा उठाएगा.
UK से आईं माजिया ने दुनिया में 'पश्चिमी देशों के लोकतंत्र थोपने' के तरीकों पर भी तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने सीधे तौर पर डेमोक्रेसी के वेस्टर्न मॉडल को पूरी तरह खारिज कर दिया. माजिया ने कहा कि हमें वो डेमोक्रेसी नहीं चाहिए, जो पश्चिमी देशों ने सीरिया, इराक या अफगानिस्तान को पश्चिमी देशों ने दी.
'मीनाब की 168 बच्चियों की मौत नहीं भूलेंगे'इस बीच, माजिया ने यह भी कहा कि उनके दिल में 'मीनाब' हमेशा जिंदा रहेगा. ईरान के शहर मीनाब में अमेरिकी-इजरायली हमले में 168 स्कूली छात्राओं की मौत हो गई थी. माजिया ने कहा कि मीनाब की यादों को नजरअंदाज करना नामुमकिन है. उन्होंने आगे कहा "हम उस दुखद घटना को नहीं भूले हैं. एक दिन के लिए भी नहीं."
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माजिया ने कहा कि इजरायल को गाजा पट्टी में नरसंहार करने की इजाजत नहीं है. उन्होंने आम अमेरिकियों से अपील की कि वेस्ट एशिया में होने वाली लड़ाइयों में अपनी अमेरिकी सरकार की भूमिका पर सवाल उठाएं. माजिया ने यह भी कहा कि अमेरिकियों के टैक्स के पैसे से उन लड़ाइयों को फाइनेंस किया गया, जिनमें मासूम बच्चों की जान गई.
मशहद में सुपुर्द-ए-खाक होंगे खामेनेईमाजिया ने ये सभी बातें मुसल्ला में शोक मनाने वालों की लाइन में शामिल होने से पहले कहीं. तेहरान से अली खामेनेई का जनाजा सोमवार, 6 जुलाई को ईरान के कोम शहर तक जाएगा. फिर पवित्र इराकी शहर नजफ और कर्बला जाएगा. इसके बाद 9 जुलाई को पूर्व सुप्रीम लीडर को ईरानी शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
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