अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) में एक बिजनेस ग्रुप पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है. और लिखा है कि अयोध्या में किसानों को हिरासत में लिया जा रहा है और अरबपतियों को राहत दी जा रही है. वहीं समाजवादी पार्टी मीडिया सेल के आधिकारिक हैंडल से भी इस वीडियो को पोस्ट किया गया है. और आरोप लगाया गया है कि एक बिजनेस ग्रुप, यहां मांझी समुदाय के लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहा है. हालांकि, अयोध्या पुलिस ने इसे भ्रामक बताया है.
अयोध्या में मांझी समाज के लोगों की जमीन पर एक बिजनेस ग्रुप का कब्जा, सपा के आरोपों पर पुलिस ने क्या कहा है?
Ayodhya Business Group Case: Samajwadi Party के मीडिया सेल ने आरोप लगाया है कि अयोध्या में एक बिजनेस ग्रुप, मांझी समाज के लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहा है. उन्होंने कहा है कि ये CM Yogi Adityanath के संरक्षण में हो रहा है. हालांकि, पुलिस ने इसे भ्रामक बताया है.


वीडियो में कुछ लोगों को लाठी-डंडे से मारपीट करते देखा जा सकता है. कुछ महिलाएं बीच-बचाव भी कर रही हैं. इस वीडियो के साथ पार्टी ने लिखा है,
“UP के अयोध्या में CM योगी के संरक्षण में जबरन बड़े-बड़े उद्योगपति दलित/पिछड़े वर्ग के किसानों की जमीनें कब्जा रहे हैं. राम मंदिर का फैसला आने के बाद से अयोध्या प्रॉपर्टी का हॉट स्पॉट बन गया है. और बहती सरयू में सभी भाजपाई, CM योगी और बड़े बड़े उद्योगपति हाथ धोना चाहते हैं. अयोध्या में सत्ता के सहारे जमीनों पर जमकर कब्जा जमकर चल रहा है. और इस सबमें सीधा-सीधा CM योगी का इनवॉल्वमेंट है क्योंकि अयोध्या के सारे मामले सीधे वही मॉनिटर करते हैं.”
इस पोस्ट में आगे लिखा गया कि अति पिछड़े वर्ग के मांझी समाज के लोगों की जमीनें एक ग्रुप कब्जा रहा है. और उसके गुंडे अयोध्या में किसानों के साथ जबरन मारपीट और गुंडई कर रहे हैं. पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि CM योगी के इशारे पर पुलिस प्रशासन बिका हुआ है और हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HoABL) का अनैतिक साथ दे रहा है.
पोस्ट में आगे लिखा गया है कि किसानों को जेल भेज दिया गया है. ये भी कि CM योगी पूरी ताकत और सत्ता की मदद से पूरे उत्तर प्रदेश में बेशकीमती जमीनों को कब्जाने के धंधे में लगे हुए हैं और ये सब वो संत या योगी चोगे में कर रहे हैं.
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, HoABL के प्रवक्ता ने इन आरोपों पर अपनी सफाई दी है. उन्होंने कहा है,
अयोध्या पुलिस का बयान"हमने एक किसान से ये प्लॉट खरीदा था. जब हम उस पर कब्जा जमाने गए तो लाठियों से लैस गुंडों के एक समूह ने हमारे लोगों पर हमला किया. हमारे लोगों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हमने इस मामले में FIR दर्ज कराई है. पुलिस ने गिरफ्तारियां भी की हैं."
इस मामले पर बहस शुरू होने के बाद अयोध्या पुलिस ने एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा है,
Ayodhya के SSP ने क्या कहा?“कुछ ट्विटर हैंडल एवं सोशल मीडिया के माध्यम से ग्राम तिहुरा माझा में हुए जमीनी विवाद में दो पक्षों में मारपीट के मामले में भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं. इस मामले में विधिक कार्यवाही की जा रही है.”
अयोध्या के SSP राज करन नायर ने एक वीडियो में बताया कि ये घटना 12 सितंबर की है. एक पक्ष ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्होंने तिहुरा माझा में रामाशीष यादव से जमीन खरीदी थी. SSP ने कहा कि यादव की उपस्थिति में खरीददार जमीन की घेराबंदी करने पहुंचे थे. तभी वहां दूसरा पक्ष आ गया. फिर मारपीट होने लगी. पहले पक्ष के एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट आई है. उन्हें ट्रॉमा सेंटर में रेफर किया गया है. SSP ने बताया कि 13 सितंबर को इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से ‘रामरूप’ नाम के व्यक्ति ने भी प्रार्थना पत्र दिया है.
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