नोटिस में आगे लिखा है कि ये फैसला सुरक्षागत कारणों से लिया गया है. ऐसी लड़की को कॉलेज में घुसने नहीं दिया जाएगा जिसका बॉयफ्रेंड नहीं है. ये तक लिखा है कि एंट्री गेट पर लड़की को अपने बॉयफ्रेंड के साथ क्लिक की गई एक रीसेंट फोटो दिखानी होगी.
साथी ही प्यार बांटने का संदेश दिया गया है. हालांकि, भाषा से ही समझ में आ रहा है कि ये एक फर्जी नोटिस है, जो कॉलेज के लेटरहेड का इस्तेमाल करके बनाया गया है. फिर भी कॉलेज के प्रिंसिपल ने इस पर सफाई दी है कि ये फर्जी नोटिस कॉलेज की रेपुटेशन को खराब करने के लिए सर्कुलेट किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सेंट जॉन्स कॉलेज के नाम से जारी इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि हर फीमेल स्टूडेंट को 14 फरवरी से पहले कम से कम एक बॉयफ्रेंड बनाना होगा. कॉलेज के प्रिंसिपल ने इस नोटिस को फर्जी बताया है.अब आपको लग रहा है जब नोटिस फ़र्ज़ी है. तो लल्लनटॉप वाले आपसे आकर बकवास क्यों बतिया रहे हैं. उसकी एक वजह है. हमने कल्पना की. कि मान लो ये नोटिस असली हो.
अब आप हंस सकते हैं. लेकिन करण जौहर की फिल्मों में इस तरह का नोटिस वाकई में आ सकता है.
तो इस कॉलेज में क्या होगा.
कुछ अमीर स्टूडेंट्स होंगे. उनमें लव ट्रायंगल होगा. दो हीरो, एक हीरोइन. हीरोइन के पिता कॉलेज के ट्रस्टी होंगे. और कॉलेज के प्रिंसपिल किसी फीमेल प्रोफेसर को इम्प्रेस करते नज़र आएंगे.
फिल्म कुछ कुछ होता है का एक सीन. इसमें अनुपम खेर कॉलेज के प्रिंसिपल बने हैं जो अर्चना पूरनसिंह के टीचर के किरदार को इम्प्रेस करने की कोशिश में होते हैं.कॉलेज के कुछ अन्य नियम क्या होंगे?
- हर लड़की के लिए हाई हील्स पहनना अनिवार्य होगा
- कोई भी स्टूडेंट क्लास नहीं अटेंड कर सकता
- क्लास अटेंड उसी सूरत में करनी होगी जब टीचर मैडम बैकलेस ब्लाउज में आई हों
- लड़कों को डोले रखना और शरीर पर टैटू बनवाना अनिवार्य होगा
- हर साल पासआउट होने के पहले सबको उनका प्यार मिल जाएगा
- सभी स्टूडेंट्स को हर साल एक कॉलेज ट्रिप पर जाना ही होगा, जहां अनिवार्य रूप से लड़कियां बर्फ में छोटे कपड़े पहनेंगी
- लड़के स्पोर्ट्स खेलेंगे और लड़कियां चियर लीडर होंगी (क्योंकि लड़कियां आर टू नाज़ुक, वो खुद नहीं खेल सकतीं)
आपको लग रहा है हम बकवास कर रहे हैं. लेकिन बातों बातों में करण जौहर की अगली फिल्म स्टूडेंट ऑफ़ द इयर थ्री की स्क्रिप्ट तैयार हो गई है. और आपको लगता था फ़िल्में यूं ही बन जाती हैं!
इतना पढ़ने के बाद और हमको कोसना शुरू करने से पहले ये समझ लीजिए कि कहानी, प्लॉट, ऐक्टिंग की चाहे जितनी आलोचना हो, करण जौहर की फिल्मों में आखिर में हीरो-हीरोइन को उनका प्यार जरूर मिल जाता है. वैलेंटाइन डे आ रहा है, चलिए इतनी ही दुआ कर लीजिए कि हमारा समाज प्यार करने वालों पर थोड़ा कम बेरहम हो जाए.























