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अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा

Arvind Kejriwal Resignation: अरविंद केजरीवाल ने 17 सितंबर की शाम अपने इस्तीफे की चिट्ठी दिल्ली के LG को सौंपी. वहीं AAP विधायक दल की नेता आतिशी की ओर से जल्द से जल्द सरकार बनाने की दावेदारी पेश की गई है.

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AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने 15 सितंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. (फोटो: X/@AamAadmiParty)

अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा (Arvind Kejriwal Resignation) दे दिया है. 17 सिंतबर की शाम केजरीवाल दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना से मिलें और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, प्रस्तावित सीएम आतिशी और अन्य कैबिनेट मंत्रियों के साथ LG  के ऑफिस पहुंचे थे. इस दौरान AAP विधायक दल की नेता चुनी गई आतिशी ने LG को सरकार बनाने की दावेदारी का पत्र भी दिया है.

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AAP नेता गोपाल राय ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. उन्होंने बताया कि AAP विधायक दल की नेता आतिशी की ओर से जल्द से जल्द सरकार बनाने की दावेदारी पेश की गई है. LG से अपील की गई है कि जल्द से जल्द शपथ की तारीख सुनिश्चित की जाए.

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इस दौरान आतिशी ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल पर फर्जी आरोप लगाए गए और उनकी गिरफ्तारी गलत थी. आतिशी ने कहा,

"AAP के सारे विधायक, दिल्ली के 2 करोड़ लोग इस मुहीम में जुट गए हैं कि आने वाले चुनाव में अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाना है. लेकिन जब तक चुनाव नहीं होता, अरविंद केजरीवाल ने भरोसा करके मुझ पर ये जिम्मेदारी दी है. आने वाले कुछ महीने तक जब ये जिम्मेदारी मेरे पास है, तब तक मेरे दो काम रहेंगे. एक, ये मुहीम चलाना कि कैसे अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री बनाएं और जब तक चुनाव नहीं होते, तब तक दिल्ली के लोगों की रक्षा करना कि BJP दिल्ली के लोगों की फ्री बिजली, अच्छे स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक में इलाज बंद न कर दे, ये मेरी जिम्मेदारी रहेगी."

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अरविंद केजरीवाल ने साल 2014 में भी CM पद से इस्तीफा दिया था. दरअसल, साल 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद AAP ने कांग्रस के समर्थन से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनाई थी. हालांकि, 14 फरवरी 2014 को, अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के तौर पर 49 दिनों के बाद इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस और भाजपा जन लोकपाल विधेयक में बाधा डाल रहे हैं. वहीं कांग्रेस और भाजपा दोनों ने केजरीवाल के लगाए गए आरोपों का खंडन किया था. इसके बाद साल 2015 में जब दिल्ली विधानसभा के चुनाव हुए, तब AAP ने अकेले बहुमत हासिल किया था और केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री बने. इसके बाद साल 2020 में केजरीवाल ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

इस साल दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़े केस में अरविंद केजरीवाल को ED और फिर CBI ने गिरफ्तार किया. 13 सितंबर को वो तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए. फिर 15 सितंबर को केजरीवाल ने घोषणा कर दी कि वो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे. उन्होंने कहा था कि इस पद पर तभी लौटेंगे, जब जनता उन्हें आगे होने वाले दिल्ली विधानसभा के चुनाव में ‘ईमानदारी का सर्टिफिकेट’ दे देगी. उन्होंने दिल्ली में समय से पहले चुनाव की भी मांग की है. बता दें कि दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल अगले साल फरवरी में खत्म हो रहा है.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: एक दस्तख़त ने इस्तीफ़ा कराया? केजरीवाल के इस्तीफ़े के पीछे की पूरी कहानी पता चल गई!

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