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किसानों को गोली मारने आए युवक ने जिस थाने के SHO का नाम लिया, उसने क्या जवाब दिया?

युवक ने कहा था- मुझे हरियाणा के राई थाने के SHO ने भेजा.

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नकाबपोश, जो कथित तौर पर कुछ किसान नेताओं को गोली मारने के इरादे से किसान आंदोलन में आया था. (फोटो- ANI)
22 जनवरी की रात किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं ने दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके बीच एक युवक पूरा चेहरा ढंके हुए बैठा था. किसानों ने बताया कि इस युवक को किसान आंदोलन में आकर चार किसान नेताओं को गोली मारने और आंदोलन में हिंसा, अव्यवस्था फैलाने के लिए भेजा गया था. लेकिन पकड़ा गया और तभी इसे बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सबके सामने लाया गया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि युवक को हथियार मुहैया कराए गए थे. प्लान था कि 26 जनवरी को जब किसान ट्रैक्टर परेड निकालें तो पुलिस पर गोलियां चलाई जाएं. पुलिस को लगेगा कि किसानों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी है और इस तरह से पूरे आंदोलन को हिंसक रूप दिया जा सके. तितर-बितर किया जा सके. ट्रैक्टर परेड के दौरान राष्ट्रीय झंडे का भी अपमान करने की योजना थी, ताकि लोगों की भावनाओं को भड़काया जा सके. किसान नेताओं को गोली मारने की भी योजना थी. आरोपी युवक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया -
"दो जगह हथियार दिए हैं. हमारा प्लान ये था कि 26 तारीख़ को जब ये (किसान) बढ़ेंगे, तो सबसे पहली लाइन में जो होगा, वो गन चलाएगा. दिल्ली पुलिस रोकने की कोशिश करेगी. पहले हम शूट करेंगे, रोकने की कोशिश करेंगे. तब भी ये (पुलिस) नहीं रुकते तो इनके घुटनों पर शूट करने का ऑर्डर है. तब पीछे से जो हमारी टीम होगी, जिसमें करीब 10 लड़के हैं, वो पीछे से शूट करेंगे. पुलिसवालों को ये लगेगा कि दिल्ली में किसान लोगों ने गोली चलाई. 26 तारीख़ को कुछ लड़के पुलिस की वर्दी में होंगे. तितर-बितर करने के लिए. और स्टेज पर जो चार लोग होंगे, उनको शूट करने का प्लान था. चार लोगों की फोटो दी गई है. और जो हमें सिखाता है, वो प्रदीप सिंह है. राई थाने का SHO है वो. हमने कभी उसे देखा नहीं. जब भी हमसे मिलने आता था, चेहरा कवर करके आता था. हमने उसका बैज देखा था."
हरियाणा के SHO का नाम लिया इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पकड़े गए युवक का नाम योगेश है और वो हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है. योगेश ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि किसान नेताओं की हत्या करने के निर्देश उसे सोनीपत के राई थाने के SHO प्रदीप ने दिए थे. हालांकि इस बाद जब इंडिया टुडे ने युवक के इस दावे की पड़ताल की तो पता चला कि राई थाने में तो प्रदीप नाम का कोई व्यक्ति है ही नहीं. राई थाने के SHO विवेक मलिक हैं, जो करीब 7 महीने से यहां तैनात हैं. विवेक मलिक का कहना है कि –
“मैं ख़ुद प्रेस कॉन्फ्रेंस सुन रहा था. लड़का बोल रहा है कि SHO राई ने प्लान बनाया. तभी एक किसान नेता लड़के की बात काट रहे हैं और बोल रहे हैं कि हमें नहीं मालूम कि कौन SHO हैं. मेरे थाने में, मेरे स्टाफ में प्रदीप नाम का कोई व्यक्ति नहीं है.”
इस बीच ANI की एक ख़बर के मुताबिक एक वीडियो सामने आ रहा है, जिसे कथित तौर पर इसी युवक का बताया जा रहा है. वीडियो में कहा है कि उसने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो कुछ कहा, वो उसे लिखकर दिया गया था और जबरन पढ़वाया गया. हालांकि इस तरह के किसी वीडियो की कोई पुष्टि अब तक नहीं की गई है. वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि पुलिस की जांच चल रही है. जब तक आरोपी युवक और किसानों से बात नहीं हो जाती, जांच नहीं हो जाती, तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता.

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