2015 में एक फिल्म आई थी 'मिस टनकपुर हाज़िर हों'. फिल्म में एक भैंस को कोर्ट में पेशी के लिए बुलाया जाता है. अब 8 साल बाद राजस्थान की राजधानी जयपुर में सच में ऐसा हुआ है. यहां के चौमूं कोर्ट में एक भैंस की पेशी हुई है.
11 साल पहले चोरी हुई भैंस कोर्ट में पेश हुई, वजह पता है क्या निकली?
भैसें चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने मामले में जांच की और कुछ महीने बाद भरतपुर के रहने वाले अरशद मेव को गिरफ्तार किया. आरोपी के कब्ज़े से दो भैंसे जब्त की गईं. तीसरी भैंस की मौत हो गई थी.


इंडिया टुडे से जुड़े विशाल शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस मामले में भैंस की पेशी हुई, वो करीब 11 साल पुराना है. 26 जुलाई 2012 को चरण सिंह सेरावत की तीन भैंसे चोरी हो गई थीं. वे बिशनपुरा नींदड़ के रहने वाले हैं. सेरावत के अनुसार ये भैंसे लाखों रुपये की थीं.
चरण सिंह सेरावत ने हड़माड़ा पुलिस स्टेशन में भैंसें चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने मामले में जांच की और कुछ महीने बाद भरतपुर के रहने वाले अरशद मेव को गिरफ्तार किया. आरोपी के कब्ज़े से दो भैंसे जब्त की गईं. तीसरी भैंस की मौत हो गई थी.
पुलिस ने दोनों भैंसें सेरावत को सौंप दीं. लेकिन ये चोरी होने वाली भैंसे ही हैं, इसकी जांच होनी अभी बाकी था. कोर्ट में केस चला. अब 10 अगस्त को सरकारी वकील ने भैंस की शिनाख्त के लिए उसे कोर्ट में बुलाने की मांग की. कोर्ट ने भैंस को पेश किए जाने का आदेश दिया.
अब मालिक चरण सिंह सेरावत अपनी भैंस को लेकर कोर्ट पहुंचे. जज और वकीलों ने कोर्ट की कार्यवाही की. लेकिन अभी उसका सत्यापन नहीं हुआ है. न ही भैंस का मेडिकल किया गया है. फिलहाल, चरण सिंह को अस्थाई तौर पर भैंस सौंप दी गई हैं.
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है. इस मामले में कुल 21 गवाह हैं. इनमें से अभी केवल 5 गवाहों के बयान दर्ज़ किए गए हैं. ऐसे में 16 गवाहों के बयान होने अभी बाकी हैं. कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 31 सितंबर दी है. इस दिन बाकी बयान दर्ज़ किए जाएंगे.
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