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ममता सरकार की योजना के 30 लाख लाभार्थियों को अब नहीं मिलेंगे पैसे, शुभेंदु अधिकारी का ऐलान

Mamata Banerjee की सरकार में लक्ष्मी भंडार योजना लागू हुई थी. लेकिन Suvendu Adhikari की सरकार एक नई Annapurna Bhandar Yojana लेकर आई. जिसमें पुरानी योजना के 30 लाख लाभार्थियों का नाम नई योजना में शामिल नहीं किया गया है. बंगाल के सीएम ने खुद इसकी वजह बताई है.

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शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार की स्कीम को बंद कर दिया है (PHOTO- File Image, India Today)

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  • पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना को बंद कर नई अन्नपूर्णा भंडार योजना लागू करने का निर्णय लिया है जो 1 जून से शुरू होगी।
  • लक्ष्मी भंडार योजना से जुड़ी 30 लाख महिलाओं को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के आधार पर अयोग्य पाते हुए सूची से बाहर कर दिया गया है।
  • नई अन्नपूर्णा भंडार योजना में चयनित महिलाओं को महीने में 3000 रुपये दिए जाएंगे, जो लक्ष्मी भंडार योजना के राशियों से अधिक हैं और योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या प्रभावित होगी।

बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार की एक योजना को बंद कर दिया है. पहले तो शुभेंदु सरकार ने तृणमूल कांग्रेस की 'लक्ष्मी भंडार' योजना को 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना में बदला. लेकिन जब नई योजना लागू होने वाली है, तो पुरानी वाली लक्ष्मी भंडार योजना से जुड़ीं 30 लाख महिलाओं को अयोग्य ठहरा दिया गया है. 

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम शुभेंदु ने कहा कि जो महिलाएं अयोग्य पायी गई हैं, वो या तो भारत की नागरिक नहीं थीं, या फिर उन्हें वोटर लिस्ट से हमेशा के लिए हटा दिया गया था. शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक उनकी सरकार 'लक्ष्मी भंडार' योजना के लाभार्थियों की लिस्ट का सत्यापन करवा रही थी. ये इसलिए किया जा रहा था ताकि अयोग्य महिलाओं को छांटकर लिस्ट से बाहर किया जाए. इसी प्रोसेस में सरकार ने 30 लाख महिलाओं को बाहर कर दिया है.

SIR के आधार पर हुई छंटनी

अयोग्य लोगों की पहचान के लिए वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को आधार बनाया गया है. इसके बाद 19 मई को एक और सर्वे किया गया ताकि लाभार्थियों के बारे में पता किया जा सके. नई 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना में शामिल होने के लिए महिलाओं से आवेदन मांगे गए थे. इसके साथ ही सत्यापन के लिए भी फॉर्म जारी किए गए थे. इस बीच सीएम ने 30 लाख महिलाओं को योजना से बाहर करने का ऐलान किया है. अन्नपूर्णा भंडार योजना 1 जून को लॉन्च होने जा रही है. महिला वोटर्स के बीच इस चुनावी घोषणा का अच्छा-खासा प्रभाव भी था.

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डायरेक्ट कैश ट्रांसफर

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने एक बार कहा था कि सरकार से निकला एक रुपया, आम आदमी तक पहुंचते-पहुंचते 15 पैसा ही रह जाता है. बाकी का 85 पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है. इसी वजह से सरकारों ने डायरेक्ट कैश ट्रांसफर वाली योजनाओं पर जोर दिया. बंगाल की लक्ष्मी भंडार योजना और अन्नपूर्णा भंडार योजना; दोनों इसी के तहत आती हैं. शुभेंदु सरकार जो अन्नपूर्णा योजना ला रही है, उसमें हर महीने महिलाओं को 3 हजार रुपये दिए जाएंगे. इससे पहले ममता सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना में सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये दिए जा रहे थे. अभी तक 2.21 करोड़ महिलाओं को लक्ष्मी भंडार योजना के तहत हर महीने पैसे मिल रहे थे.

वीडियो: शुभेंदु अधिकारी जहांगीर खान को क्यों ढूंढ रहे?

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