मंडे को इस सनकी आदमी ने अपने पड़ोसी की डेढ़ साल की बिटिया को देखा. वो घर के बाहर खेल रही थी. खाने की चीज दिखाकर उसे अपने साथ मंदिर ले गया. पहले बच्ची के पैरों की नसें काट दीं. सोचिए कितनी बुरी तरह रो रही होगी वो बच्ची, लेकिन शादी के लिए लालायित उस आदमी का कलेजा जरा भी नहीं पसीजा. फिर उसने बच्ची को उल्टा उठा लिया और हवा में गेंद की तरह उछालने और लोकने लगा. इसके बाद जो उसने किया वो बहुत दर्दनाक था. उसने बच्ची को मंदिर की सीढ़ियों पर पटकना शुरु कर दिया. बार-बार सीढ़ियों पर पटके जाने पर बच्ची की वहीं मौत हो गई.फिर क्या? आसपास जो लोग थे, उन्होंने जमावड़ा लगा दिया. आदमी को धर लिया और खूब धोया. किसी ने पुलिस को फोन किया, तो पुलिस आई और उसे अपने साथ ले गई. बच्ची को उसके घरवाले फौरन दीनदयाल हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे ऑफीशियली मरा हुआ बता दिया. बता दें कि जिस मंदिर की सीढ़ियों पर उस साइको ने बच्ची की जान ले ली, वो सुमन आर्या का पर्सनल मंदिर है, पर किसी को आने-जाने की मनाही नहीं है. सुमन वहीं रहती है. जिस लड़के ने बच्ची को मारा है, उसकी मां उस मंदिर में झाड़ू-फटके का काम करती है. सुमन को बाद में इस घटना का पता चला.
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