इज़रायल सेना में तैनात थीं 19 साल की बोनी. (ट्विटर- रॉयटर/ट्विटर)
"मैं आप सभी की बहुत फिक्र करती हूं. मेरे सिर में चोट लगी है और मुझसे कुछ दूर पर खड़ा एक आतंकवादी मुझ पर कभी भी गोली चलाना शुरू कर सकता है. मैं इस समय गोलानी ब्रिगेड के एक घायल सैनिक के साथ हूं, और कोई अतिरिक्त सहायता यहां नहीं है."
ये शब्द हैं एक इज़रायली महिला सैनिक के. जिन्होंने शहीद होने से पहले अपने परिवार को संदेश भेजकर बताया कि उन पर हमला हो गया है.
आर्मर्ड कोर की 77वीं बटालियन में 19 वर्षीय कॉर्पोरल नामा बोनी अपनी ड्यूटी पर थीं ,जब हमास ने एकाएक इज़रायल पर हमला कर दिया. गाज़ा की तरफ से आने वाले रॉकेट्स ने इज़रायली नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया. बिल्डिंग ज़मींदोज़ हो गईं. इसी हमले का शिकार हुईं बोनी भीं. उनके सिर पर चोट लगी.
कुछ देर बाद बोनी ने अपने परिवार को एक और मैसेज भेजा. उन्होंने लिखा-
"यहां एक आतंकवादी है जो दूर नहीं जाएगा. मैं किसी के चिल्लाने की आवाज़ सुन रही हूं, और ऐसा लग रहा है जैसे किसी की मौत हो गई हो."
इज़रायली मीडिया Ynet के मुताबिक बोनी की चाची ने बताया कि सुबह 7.30 बजे तक बोनी ने मैसेज किए. उसके बाद उसने जवाब देना बंद कर दिया.
उसके परिवार के सदस्यों ने उस तक पहुंचने का प्रयास किया, और बाद में उन्हें बताया गया कि वह ब्राजीलियाई मेडिकल सेंटर में भर्ती हैं. लेकिन किसी ने उन्हें उसकी स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी.
बोनी की चाची ने कहा-
"हमें पूरी तरह भरोसा था कि वह अभी भी जीवित है, लेकिन जब सूचना अधिकारी उसके माता-पिता के पास पहुंचे, तो हमें पता चला कि वह सिर्फ एक आंकड़ा बनकर रह गई है."
लोकल मीडिया के मुताबिक बोनी का जन्म अफुला शहर में हुआ था और वह सिर्फ सात महीने पहले इजरायली सेना में भर्ती हुई थीं.
7 अक्टूबर को हमास के आंतकियों ने इज़रायल पर हमला किया था. उसके बाद से युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं. गाज़ा से हमास इज़रायल पर रॉकेट दाग रहा है है. तो इज़रायल भी गाज़ा पट्टी पर हमले कर रहा है. इज़रायली मीडिया के मुताबिक अब तक करीब 1300 नागरिकों की हत्या की बात सामने आ है. इसके अलावा बड़ी संख्या में इजरायलियों और विदेशी नागरिकों को बंधक बनाकर को गाजा ले जाया गया है.
वहीं गाज़ा का कहना है कि इज़रायल की तरफ से हमले में 1,200 से अधिक लोग मारे गए हैं और 5,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.