यह देश कुंठित पुरुषों का है. बंगलोर की घटना के बाद जयपुर में जो हुआ, वह डरावना और शर्मनाक है. जयपुर में ऑटो में बैठी लड़की के साथ रेप की यह पहली घटना नहीं है. लेडी टूरिस्ट्स के साथ अक्सर बदतमीजी और बलात्कार की खबरें पहले भी आती रही हैं. असल में जयपुर के ऑटो चालकों की अपनी एक सत्ता है, जिसके सामने सरकार, परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस एकदम पंगु हैं. मीटर से आज तक ऑटो नहीं चल पाये. कोई नियम नहीं है. आप किसी भी ऑटो चालक से बात करेंगे तो भाड़ा ऐसे बतायेगा जैसे ऑटो जेट फ्यूल से चल रहा है. जब क़ानून का उसे डर ही नहीं है तो वह अपराध करने से क्यों डरेगा? एयरपोर्ट के बाहर वे जीपीएस से प्री बुकिंग से चलने वालों ड्राइवर्स के साथ वे मारपीट करते हैं. और पुलिस कुछ नहीं करती. मैडम वसुंधरा जी, आप क्या कुछ सख्त कदम उठाएंगी. टेक्नोलॉजी का लाभ क्या है. क्या जयपुर में हर ऑटो में जीपीएस डिवाइस अनिवार्य नहीं की जा सकती?
रात भर गैंगरेप किया और सुबह सड़क पर फेंक गए
ऑटो में बैठी लड़की से गैंगरेप , इस खबर ने सारे जयपुर को गुस्से और डर में झोंक दिया है.
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फोटो - thelallantop
बैंगलोर में जो हुआ उसकी लानत-मलानत भी अभी खत्म नहीं हुई थी. इधर जयपुर से एक और दहलाने वाली खबर आ रही है. अलवर से जयपुर आई एक 19 साल की लड़की के साथ गैंगरेप हुआ है. लड़की से ऑटो वाले और तीन लड़कों ने सारी रात रेप किया. उसके बाद एमएनआईटी जयपुर के बाहर फेंककर चले गए. ये लड़की जगतपुरा में अपने भाई के साथ रहती थी. बेसिकली यूपी के मैनपुरी की है. सोमवार, 9 जनवरी को लड़की अलवर से जयपुर आई थी. दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक़ शाम सात बजे स्टेशन से एक ऑटो में बैठी. उस ऑटो में पहले से तीन लड़के बैठे थे. लड़की ने बताया ऑटोवाला पहले उसे शहर में घंटों घुमाता रहा अंत में रात 11 बजे के आस-पास एक खाली प्लाट में ले गया, जहां उसके ऑटो वाले और तीनों लड़कों ने गैंगरेप किया. इसका वीडियो भी बनाया और सुबह उसे बिना कपड़ों के फेंक गए. सुबह छह बजे उसे एमएनआईटी के बाहर फेंका गया था. वहां के लोगों की मदद से उसने पुलिस से कॉन्टैक्ट किया. इस खबर के पता चलते ही जयपुर में गुस्से का माहौल बन गया. लोगों में जितना गुस्सा था उतना ही डर भी. पुलिस ने आधे से ज्यादा शहर में नाकाबंदी करवा दी. पुलिस ने तमाम ऑटो स्टैंड और रेलवे स्टेशन खंगाल डाले. जिस ऑटो की बात उस लड़की ने की वो सीएनजी वाला था, उस बात को आधार बनाकर पुलिस शहर भर में चल रहे 2200 सीएनजी ऑटो वालों का रिकॉर्ड चेक कर रही है. पहले पुलिस ने दो टीमें भी बनाई जो शहर के बाहरी इलाके और कच्ची बस्तियों में सर्च ऑपरेशन चला रही थी. पुलिस की कुल छह टीमें सिंधी कैंप से जगतपुरा तक उस ऑटो को तलाश रहीं रहीं. उस रूट जहां से ऑटो का जाना बताया जाता है. उस रूट के सरकारी और प्राइवेट सीसीटीवी की फुटेज भी निकाली जा रही है. उस रेलवे स्टेशन भी पुलिस भेजी गई है, जहां से लड़की ने ट्रेन पकड़ी थी. इसके अलावा लगभग 8000 मोबाइल फोन भी पुलिस ने ट्रेस पर डाल रखे हैं. लड़की की मेडिकल रिपोर्ट भी आई, जिसमें गैंगरेप की बात सामने आई है. पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि लड़की की बातें संदिग्ध हो सकती हैं, अभी तक ऐसा कोई भी क्लू नहीं मिला है. जिससे उसकी बात सच साबित हो. साथ ही भारी तलाश के बाद भी वो प्लाट नहीं मिल पाया है जहां की ये घटना बताई जा रही है. पर गैंगरेप की खबर आने के बाद लोगों में गुस्सा भरा है. रामकुमार सिंह मुंबई में रहते हैं. जयपुर से जुड़े हैं, इस घटना के बारे में उन्होंने फेसबुक पर जो लिखा पढ़ा जाना चाहिए.
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