1. 2016 की 10 मार्च को ये आतंकी लौंडा हाफिज सईद 66 बरस का हो जाएगा. इंडिया से इत्ता चिढ़ने वाले हाफिज की फैमिली बंटवारे से पहले इंडिया में ही रही थी. हां हाफिज 1950 में पैदा हुआ था अब के पाकिस्तानी पंजाब प्रांत के सरगोढा में. 2. हाफिज के अब्बा कमाल-उद्दीन किसान और इस्लामिक टीचर थे. धर्म की बात करते. 1947 में जब बंटवारा हुआ तो हरियाणा के हिसार से लाहौर गए. 4 महीने बचते बचाते जब हाफिज सईद की फैमिली पाकिस्तान पहुंची तो परिवार के 36 लोग हमेशा के लिए बिछड़ गए.
3. हाफिज सईद की वाइफ मैमूना एक नंबर की 'धर्मपत्नी' थीं. 2008 मुंबई अटैक के बाद पाकिस्तान ने हाफिज सईद को हिरासत में लिया था. मैमूना कोर्ट चली गईं कि खबरदार माईलॉर्ड, मेरे शौहर को आजाद करो तत्काल. इंडिया और अमेरिका को खुश करने के लिए मेरा पति ही मिला है, छोड़ो उसे. नवंबर 2014 में जब हाफिज सईद की वाइफ मरी तो हजारों की भीड़ इकट्ठा हुई थी जनाजे में.
4. पाकिस्तान के प्रेसिडेंट थे जनरल मुहम्मद जिया उल हक. 1978 में बने थे. और अपनी मौत 1988 तक कुर्सी पर ही बने रहे. साहेब के न जाने क्या सूझी. हाफिज सईद को इस्लामिक आइडियोलॉजी काउंसिल के लिए अपॉइंट कर दिया.
5. जो लोग हाफिज सईद को बकलोल समझते हैं वो एक बात जान लें. लाहौर में एक यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी है. हाफिज सईद कुछ वक्त तक इस यूनिवर्सिटी में इस्लामिक स्टडीज का टीचर रह चुका है. न जाने क्या ही पढ़ाया होगा मासूम बालकों को.
6. फिर जैसे मास्टरों का प्रमोशन होता है कि हौसला बढ़े. हाफिज सईद को यूनिवर्सिटी वालों ने अरब भेज दिया कि जाओ थोड़ा और पढ़ आओ. पर हाफिज सईद निकला एक नंबर का पढ़ाईचोर. पढ़ाई तो की नहीं, उलटा सऊदी के शेखों से मिल अफगान जेहाद में इंटरेस्ट लेने लगा.
7. एक हुए प्रोफेसर जफर इकबाल. इनको आप आतंकवाद की ट्रेनिंग देने के मामले में हाफिज सईद का गुरु मान लो. ये बंदा अफगानिस्तान में मुजाहिद्दीनों को सपोर्ट करता था. हाफिज भी साथ हो लिया. कुछ नए लौंडों से मुलाकात की. बाद में यही लोग ससुरे के दोस्त बने. मिलकर सबने खूब आतंक फैलाया.
8. अरब जाने से हाफिज सईद की आतंक में एंट्री के अलावा एक चीज और स्ट्रॉन्ग हुई. सीवी स्ट्रॉन्ग हो गया. पाकिस्तान की पंजाब यूनिवर्सिटी से डबल MA बंदा था ही. अरब जाकर किंग सऊद यूनिवर्सिटी से अरेबिक लेंगुएज में स्पेशलाइजेशन भी किया. कहते हैं बंदे को गोल्ड मेडल मिला था उधर. ओसामा के गुरु शेख-बिन-बैज ने हाफिज सईद को ट्रेनिंग दी थी.
9. हाफिज सईद ने 1986 के करीब आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को तैयार किया. साथ दिया साले अब्दुल रहमान मकी ने. मैमूना का भाई अब्दुल रहमान मकी. अच्छा इन्होंने जमात-उद-दावा नाम की भी एक ऑर्गेनाइजेशन बनाई. कहते हैं इससे हम भलाई की सप्लाई करते हैं पाकिस्तान में. खुदा जाने कित्ता सच है कित्ता झूठ. पर फैक्ट तो ये है कि पाकिस्तान में लोग हाफिज सईद को नेक बंदा मानते हैं. वजह संदिग्ध है.
10. 1990 से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI हाफिज के फुल सपोर्ट में आ गया. डेविड हेडली ने भी कबूला कि हां हाफिज सईद की मदद ISI करता है.
11. अमेरिका ने हाफिज सईद पर 2012 में 60 करोड़ का इनाम रखा. गुनाह माना मुंबई अटैक में 166 लोगों की जान लेने को. डॉलर की कीमत बढ़ने के साथ हाफिज सईद को पकड़ने का इनाम भी बढ़ता जा रहा है.
12. 2012 में आतंकी अबू जिंदाल पकड़ा गया. जिंदाल ने हाफिज सईद को लेकर सबसे धाकड़ा खुलासा किया. कहा- 26/11 हमले के दौरान हाफिज सईद पाकिस्तान सपोर्ट वाले एक कंट्रोल रूम में बैठकर पूरे हमले की निगरानी कर रहा था.
कित्ते हमलों के लिए जिम्मेदार है हाफिज? कई हमले किए इंडिया पर हाफिज ने. 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुआ हमला. 2006 में मुंबई लोकल में हुए बम धमाकों के आरोप भी हाफिज पर लगे. पाकिस्तानी सरकार ने कुछ वक्त के लिए हाफिज को गिरफ्तार भी किया. बाद में रिहा कर दिया. 2008 में मुंबई पर हुए हमलों में हाफिज सईद का पूरा हाथ रहा. 26/11 हमले का मास्टरमाइंड भी हाफिज सईद था. पर अब तक इंडिया के हाथों से हाफिज सईद दूर है. क्योंकि हाफिज सईद के लिए पाकिस्तान में स्वागत भरी निगाहों से एक टैगलाइन सदाबहार चलती रहती है. 'कुछ दिन तो गुजारिए पाकिस्तान में.' और हां, इंडिया में अभी हाफिज सईद के ट्विटर पर होने के चर्चे थे. बाद में हाफिज सईद ने खुद कहा कि वो ट्विटर पर नहीं है. हालांकि ये खबर दी लल्लनटॉप ने सबसे पहले ब्रेक की थी.





















