The Lallantop

बजरंग दल के गुंडों से एक हिंदू कुछ कहना चाहता है

हिसार में मोहम्मद कासनी को पड़ा थप्पड़ मुझे अपने गाल पर महसूस हो रहा है.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
भगवान को मानने, न मानने को लेकर हमारे यहां तीन कैटेगरी हैं. एक जो भगवान को मानते हैं, एक जो नहीं मानते और आखिरी जो इस सोच में हैं कि भगवान हैं कि नहीं. मैं कहता हूं कि एक चौथी कैटेगरी भी होती है. उनकी, जो लोड नहीं लेते. मैं इसी कैटेगरी में हूं. मां-बाप ने पैदा किया, तो अपना धर्म भी दिया. लेकिन मैंने लोड नहीं लिया. नाम से हिंदू लगता हूं तो मान भी लेता हूं कि हिंदू हूं. इस धर्म से मेरा इतना ही वास्ता है.

लेकिन आज मैंने लोड ले लिया है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
'भारत माता की जय बोल !!'
'बोल भारत माता की जय !! '
'कश्मीरी गद्दार हैं. कश्मीरी गद्दार हैं साड़े देश...'

एक वीडियो मेरी नज़र के सामने है. हिसार की जामा मस्जिद के बाहर बजरंग दल के कुछ गुंडे अमरनाथ यात्रा पर हुए हमले के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे हैं. नारा लगा रहे हैं, देश के गद्दारों को, आग लगाओ सालों को. ये गुंडे साथ में किसी को 50 रुपट्टी देकर बनाया हुआ एक पुतला भी लिए हैं, जो शायद आतंकवाद का है. मस्जिद के बाहर नारेबाज़ी का तुक यही है कि ये 'गद्दार मुल्ले' ही हैं जिनकी वजह से 7 ऐसे लोगों की जान चली गई जो अपने भगवान से मिलने जा रहे थे. तो ये लोग वहां जाकर बवाल काट रहे थे जहां 'मुल्ले' अपने भगवान से मिलने जाते हैं. माहौल बनते देख मस्जिद से लोग बाहर जाने लगते हैं. फिर मस्जिद से एक नौजवान बाहर निकलता है, जो इनसे बात करना चाहता है. उसने दाढ़ी रखी है, टोपी पहनी है, कुर्ता भी पहना है. उसे देखकर नारा बदल जाता है, 'भारत माता की जय'. और अगले ही पल नारा ललकार में बदल जाता है, नौजवान बात करना चाहता है. कहता है, मेरी बात सुनो. लेकिन ललकार दी जाती रहती है, उसे हाथ पकड़कर मस्जिद से बाहर खींच लिया जाता है. वो घबराया हुआ सा लगता है. किसी तरह हाथ छुड़ाकर मस्जिद में वापस जाता है. वो आदमी उसकी दहलीज़ से 'देश की सामूहिक चेतना' को सूट करने वाला एक नारा लगाता भी है, एक थप्पड़ उसकी आवाज़ को काट देता है. नौजवान अपमानित होकर मस्जिद में चला जाता है. अपने भगवान से मिलने जा रहे 7 लोगों की मौत का बदला एक 'गद्दार मुल्ले' को 'उसकी मस्जिद' की दहलीज़ पर थप्पड़ मारने से पूरा हो जाता है. ये सब 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के शोर के बीच होता है.

इसलिए मैंने लोड लिया है.

Advertisement
वीडियो देखने का मन करे तो यहां देख सकते हैंः     ये वीडियो जहां खत्म होता है, उसके बाद की कहानी यूं है कि सब हो चुकने के बाद पुलिस के मुताबिक मामला दिखवाया गया. उसमें ये पता चला कि बजरंग दल के गुंडों ने उस नौजवान को मस्जिद का इमाम समझ कर पीट दिया था (थप्पड़ के बाद मस्जिद में घुस कर मारपीट हुई थी.) वो तो बेचारा सहारनपुर का रहने वाला मोहम्मद हारून कासनी था, जो हिसार आम बेचने आया था. शाम का वक्त हुआ तो सजदा करने जामा मस्जिद आ गया था. हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल कह रहे हैं कि इस तरह की 'छोटी-मोटी घटनाएं' होनी स्वाभाविक हैं, कानून अपना काम करेगा. और कानून ने वीडियो में बमुश्किल 20 आदमी होने के बावजूद बजरंदग दल के स्थानीय संयोजक के साथ 'अज्ञात भीड़' के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
इस थेथरई पर मुझे कुछ नहीं कहना.
कहना मुझे कुछ भी नहीं है वैसे. मुझे बस बजरंग दल वालों को बताना है कि मोहम्मद आसीम को पड़े थप्पड़ की तपिश मुझे अपने गाल पर महसूस हो रही है. उसकी आवाज़ से मेरे कान अब तक सुन्न हैं. तुम्हें उसे पीटना ही था, तो उसे कहीं पार्क में किसी लड़की के साथ धर लेते या उसके थैले में बम रख देते. मीट से भी काम चल जाता. तुम गाय नहीं काटते, पर कटे हुए बकरे को बीफ तो कह सकते हो. ऐसा करते तो क्या पता, वो थप्पड़ मुझ तक नहीं पहुंचता. या कुछ कम पहुंचता. उसे कोई गलती करने तो देते.
तुमने उसे ऐसे ही पीट दिया यार! 
मेरे अंदर अभी इतना हिंदू कहीं बचा हुआ है कि किताब पर पैर पड़ जाए तो अनायास हाथ बढ़ ही जाता है किताब के पैर पड़ने को. किताब के पैर नहीं होते, लेकिन उस से माफी मांगना ज़रूरी है. वो विद्या है. तुम लोगों ने एक ज़िंदा आदमी को दाढ़ी टोपी के लिए पीट दिया. ठीक नहीं किया.
मेरी शिकायत इतनी ही सिम्पल है.

 

*अपडेट*

इस लेख के लिखे जाने के बाद 13 जुलाई 2017 को इंडियन एक्सप्रेस ने मोहम्मद हारून कासनी का बयान छापा है. उन्होंने बताया कि थप्पड़ वाले वाकये के बाद वो घबरा गए थे. मस्जिद के बाकी लोग यहां-वहां छिप गए थे. उन्हें इसलिए निशाना बनाया गया कि उनकी दाढ़ी-टोपी से उन्हें पहचानना आसान था. वो उन्हें पीट रहे बजरंग दल के गुंडों से बार- बार कहते रहे कि वो भी आतंकवादियों के खिलाफ हैं, लेकिन गुंडे उन्हें पीटते रहे. पुलिस न आती तो उनकी जान चली जाती. पुलिस ने माना है कि इस प्रदर्शन की अगुवाई बजरंग दल से जुड़ा कपिल वत्स कर रहा था. हारून को थप्पड़ मारने वाले को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. उसका नाम अनिल है. फिलहाल इस बात की जांच की जा रही है कि वो बजरंग दल से जुड़ा है या नहीं.
ये भी पढ़ेंः

वो राष्ट्रपति जिनकी जीत का ऐलान जामा मस्जिद से हुआ था

इस आदमी की वजह से अमरनाथ यात्रा हमले में बची बहुत से लोगों की जान

Advertisement

क्या जिन्ना की बहन फातिमा का पाकिस्तान में कत्ल हुआ था?

हमले में ज़ख़्मी RSS वाले की मौत, मुस्लिम ने पहुंचाया था हॉस्पिटल, अंतिम संस्कार में हुई पत्थरबाज़ी

जिस तरह इधरवाले गोडसे को पूजते हैं, उधरवाले इस लड़के को हीरो मानते हैं

मुसलमानों, एक 'नॉट इन माई नेम' कैम्पेन बंगाल के लिए भी चलाइए न!

Advertisement