फायदे से ज्यादा नुकसान होता है ऐसी चीजों से जवाब है, नहीं. कतई नहीं. डॉक्टर और सेहत वाले एक्सपर्ट के मुताबिक, खुशबूदार पैड्स और वेजाइना वाले सेंट नुकसान पहुंचाते हैं. इनसे खुजली होती है. विमिन हेल्थ मैगजीन को दिए गए एक इंटरव्यू में अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन की एमडी मेरी जेन मिनकिन ने कुछ इसी टाइप की बात कही:
मैं तो ये ही कहूंगी कि कोई भी इस तरह के सुगंधित पैड्स या फिर टैम्पून इस्तेमाल न करे. वेजाइना आपके शरीर का सबसे नाजुक, सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है. ऐसी चीजों से वहां एलर्जी हो सकती है. इनके कारण आपकी योनि में खुजली हो सकती है. औरतों से पूछिए, वेजाइना में खुजली होने से बदतर कुछ नहीं होता.
पीरियड्स के दौरान पैड से जमे हुए खून की बहुत अजीब सी बदबू आती है. इससे बचने के लिए बाजार में कई तरह की खुशबू वाले पैड्स, टैम्पून्स बिकते हैं. वेजाइना के पास छिड़कने के लिए स्पेशल सेंट भी मिलता है मार्केट में. इनका चलन बढ़ रहा है.इन खुशबूदार प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल आपकी परेशानी बढ़ा देगा ऐसी खुशबूदार चीजों के इस्तेमाल से योनि के आसपास का हिस्सा सूज भी सकता है. दिक्कत बढ़ सकती है. पीरियड्स वैसे ही इतनी तकलीफ देते हैं. ये सेंट-परफ्यूम वाली चीजें उस दिक्कत को और बढ़ा सकती हैं. बल्कि खुजली होने लगी, तो पीरियड्स के बाद भी आप तंग होती रहेंगी.
ऐसा होता क्यों है पर? असल में पैड्स वगैरह को खुशबूदार बनाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल होता है. इन केमिकल्स के कारण बदबू आनी तो बंद हो जाती है, मगर ऐलर्जी होने का खतरा बढ़ जाता है. ये जो खुशबूदार पैड्स और टैम्पून्स होते हैं, वो आपके वेजाइना के आसपास रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया को मार देते हैं. फिर वहां नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया घर बना लेते हैं. इससे यीस्ट इंफेक्शन हो सकता है. बैक्टीरिया इंफेक्शन हो सकता है.
कई डॉक्टर पैड्स की जगह मैन्यट्यूरल कप इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. पैड के कारण वेजाइना के हिस्से में नमी बनी रहती है. इससे इंफेक्शन का खतरा रहता है.इंफेक्शन से क्या हो सकता है? इस तरह के इंफेक्शन की वजह से वेजाइना के अंदर से बदबूदार पानी निकलने लगता है. कई बार पेशाब करते समय जलन की दिक्कत हो जाती है. कई बार तो ऐसी हालत हो जाती है कि खुजलाते-खुजलाते आप वहां की चमड़ी छील देते हैं. चलने में भी दिक्कत होने लगती है. जिनको कभी UTI इंफेक्शन हो चुका है, उनके लिए तो और बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है.
पीरियड्स के दौरान वेजाइना की साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए. पैड्स यूज कर रही हैं, तो बहुत देर तक एक ही पैड न लगाएं. तीन-चार घंटे में बदलती रहें. टैम्पून यूज करती हैं, तो इसे खाली करती रहें.तो क्या करें? किन बातों का ख्याल रखें? पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई का ख्याल रखें. थोड़ी-थोड़ी देर पर पैड बदलें. बहुत देर तक वो ही पैड इस्तेमाल करने के कारण वेजाइना और उसके आस-पास नमी हो जाती है. इससे रैसेज हो सकते हैं. दादा-खाज हो सकता है. टैम्पून इस्तेमाल करते हैं, तो उसे खाली करने में बहुत देर न लगाएं. आम दिनों में भी अपने अंडरगारमेंट, खासकर पेंटी की सफाई का खास ध्यान रखें. पेंटी धुलने के बाद इसे उल्टा करके धूप में सुखाएं. इस्तेमाल से पहले इसे उल्टा करके इसके ऊपर प्रेस करने से बचे हुए बैक्टीरिया भी मर जाते हैं. पेशाब करने के बाद वेजाइना को पानी से धो लेना चाहिए. वर्ना पेशाब की बूंदें पेंटी में गिर जाती हैं और इंफेक्शन होता है. पीरियड्स के अलावा आम दिनों में पैंटी लाइनर का इस्तेमाल ठीक रहता है. ये सब करें, लेकिन ये खुशबूदार प्रॉडक्ट्स के चक्कर में पड़कर अपनी सेहत का रिस्क कतई न लें.
ये स्टोरी ऑड नारी वेबसाइट के लिए सरवत फातिमा ने की थी.
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