रिज़र्व बैंक अपने नोट सब्सिडियरी के माध्यम से छापता है. सब्सिडियरी का नाम है भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL). RTI के जवाब में बंदे को डिटेल्ड जवाब मिला. इस जवाब के मुताबिक़ दो हज़ार रुपयों के हज़ार पीस का पैकेट RBI को 3,540 रुपए का पड़ता है. यानी 3 रुपए 54 पैसे का एक नोट. मने सीधी भाषा में लगभग साढ़े तीन रुपए खर्च होते हैं. ज़ाहिर है इसमें चिप का खर्चा शामिल नहीं है.

500 का नया नोट.
500 के नए नोट के हज़ार पीस का पैकेट छापने में 3,090 रुपए का खर्चा आता है. मने एक नोट तीन रुपए नौ पैसे का पड़ता है. चिप इसमें भी नहीं है.
इसके अलावा बाकी नोटों के खर्च का ब्यौरा भी मिला था. RBI से हासिल डेटा के मुताबिक़ अलग-अलग नोट छापने में कुछ यूं खर्च आता है:
पांच रुपए का नोट: 48 पैसे 10 रुपए का नोट: 96 पैसे 20 रुपए का नोट: एक रुपया पचास पैसे 50 रुपए का नोट: एक रुपया 81 पैसे 100 रुपए का नोट: एक रुपया 79 पैसे

पांच का नोट जो लगभग आठ आने में छपता है.
इसके अलावा 500 और 1000 के पुराने नोटों की छपाई में कितना खर्च आता था ये भी जान लीजिए. बंद हो चुका 500 का नोट 2 रुपए 50 पैसे में छपता था. वहीं हज़ार के में 3 रुपए 17 पैसे की लागत आती थी.










