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शराब के नशे में पहले बड़े भाई की हत्या की, अब काला जादू के शक में छोटे भाई को मार डाला

गुजरात के नर्मदा जिले के एक गांव में बड़े भाई ने 'काला जादू' करने के आरोप में छोटे भाई की हत्या कर दी. बीच-बचाव करने आई भतीजियों पर भी आरोपी ने हमला कर दिया. उसके हमले में दो भतीजियां भी घायल हो गई हैं. स्थानीय पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी इससे पहले अपने बड़े भाई की हत्या के आरोप में जेल जा चुका है.

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गुजरात पुलिस ने छोटे भाई की हत्या के आरोप में रमेश वसावा को गिरफ्तार किया है. (इंडिया टुडे)

‘अशिक्षा अन्हरिया में ओझा कमाइन है, आदमी गेल चांद पर, आ गांव में डायन है.’ मुजफ्फरपुर के रामनाथ पासवान की ये कविता गुजरात के नर्मदा जिले के नांदोद तहसील के भुच्छड़ गांव की एक घटना पर सटीक बैठती है. यहां अंधविश्वास खून के रिश्तों पर भारी पड़ गया. ‘काला जादू’ करने के आरोप में बड़े भाई ने छोटे भाई की जान ले ली. उसने अपनी दो भतीजियों पर भी जानलेवा हमला किया.

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स्थानीय पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. आरोपी इससे पहले अपने बड़े भाई की हत्या के आरोप में जेल जा चुका है.

इंडिया टुडे से जुड़े बृजेश दोषी के इनपुट के मुताबिक, घटना गुजरात के नर्मदा जिले के नांदोद तहसील के भुच्छड़ गांव का है. यहां के रहने वाले रमेश वसावा को शक था कि उसका छोटा भाई गुरजी वसावा उस पर काला जादू कर रहा है. इस बात को लेकर दोनों भाइयों के बीच तीखी बहस हुई. बहस के बाद गुरजी दुकान से सामान लाने चले गए. 

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वहीं रमेश वसावा घर से हसिया लेकर आया और दुकान से लौट रहे गुरजी पर हमला कर दिया. हसिया के वार से गुरजी को गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते मौके पर ही उनकी मौत हो गई. बीच-बचाव करने आई गुरजी की बेटियों सावित्री और शिल्पी पर भी रमेश ने हमला किया.

सावित्री के सिर पर और शिल्पा के हाथ पर हसिया लगने से गंभीर चोटें आईं हैं. दोनों घायल लड़कियों को इलाज के लिए राजपीपला सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. राजपीपला पुलिस ने आरोपी रमेश वसावा को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. 

पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी रमेश ने 20 साल पहले एक झगड़े में अपने बड़े भाई विट्ठल वसावा की हत्या कर दी थी. 8 मार्च 2005 को रमेश ने शराब के नशे में अपनी मां से झगड़ा करने के बाद कुल्हाड़ी से भाई विट्ठल वसावा की जान ले ली थी. इस मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी. 

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लेकिन आपसी समझौता होने के चलते वह 8 महीने के बाद जेल से बाहर आ गया था. फिलहाल गुरजी वसावा की हत्या के मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है.

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