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'तमिलनाडु के एपस्टीन' वीरमणि लड़की के साथ दिखे, कई बच्चियों के यौन शोषण का आरोप

Veeramani child sex abuse case: ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणि के यौन शोषण मामले में एक फुटेज मिला है. फुटेज में वह एक लड़की के साथ नजर आ रहे हैं. वीरमणि को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है.

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वीरमणि को गिरफ्तार किया जा चुका है. (courtesy- इंडिया टुडे)

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  • तमिलनाडु के कारोबारी आर. वीरमणि पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप लगे हैं और अगस्त 2026 में उनके और सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई है।
  • इस मामले की शुरुआत अक्टूबर 2025 में तब हुई जब पीड़िताओं के लिए काम करने वाली एक महिला को एक पेन ड्राइव मिली, जिसमें कथित यौन शोषण की रिकॉर्डिंग थी और पुलिस को इसकी सूचना दी गई।
  • जांच अधिकारियों ने पीड़ित नाबालिग लड़कियों की पहचान कर वरिष्ठ कर्मचारियों सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है, और मामले की जांच अभी जारी है।

ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणि से जुड़े यौन शोषण मामले में एक फुटेज मिला है. इस फुटेज में वे कथित तौर पर एक लड़की के साथ नजर आ रहे हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक लड़की नाबालिग है. एक अन्य फुटेज में वीरमणि आपत्तिजनक हालत में बैड पर बैठे दिख रहे हैं.

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वीरमणि बड़े कारोबारी हैं. उन पर बच्चियों के यौन शोषण का आरोप लगने के बाद तमिलनाडु की सियासत में खलबली मच गई है. आरोपी कारोबारी को 'तमिलनाडु का एपस्टीन' कहा जा रहा है. 

इंडिया टुडे से जुड़े प्रमोद माधव को यह फुटेज मिली है. उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, यह क्लिप सबसे पहले तमिलनाडु कांग्रेस नेता और सांसद रंजन कुमार ने पुलिस को दी थी. उन्होंने बताया कि फुटेज में वीरमणि जैसे दिखने वाले व्यक्ति को देखकर वे हैरान रह गए. फिर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से संपर्क किया.

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रंजन कुमार ने कहा कि उन्होंने इंस्पेक्टर महेश और तत्कालीन एंटी-वाइस स्क्वाड की असिस्टेंट कमिश्नर यास्मीन समेत वरिष्ठ अधिकारियों से वीरमणि से पूछताछ करने और आरोपों की जांच करने का आग्रह किया था. उनका आरोप है कि फुटेज देने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई.

वीरमणि को उनके सहयोगियों शांति और महेंद्र सिम्हन के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है. अधिकारी इन अपराधों में वीरमणि के सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रहे हैं.

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के मुताबिक ये मामला सबसे पहले अक्टूबर 2025 में सामने आया था. बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाली एक महिला को अनजान शख्स से लिफाफा मिला. लिफाफे के अंदर सफेद कागज का एक टुकड़ा और एक पेन ड्राइव थी.

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नोट में वीरमणि का नाम था. आरोप था कि उन्होंने अपनी फ्रेंड शांति के घर के बेडरूम में एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया था. नोट में कहा गया था कि कथित यौन शोषण की रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में है. ये पेन ड्राइव पुलिस को सौंपी गई. वीरमणि के खिलाफ FIR दर्ज हुई.

मगर वीरमणि ने कहा कि वीडियो में नजर आ रहा शख्स वो नहीं हैं. वहीं शांति ने कहा कि क्लिप में नजर आ रही जगह उनका घर है, लेकिन बाहरी लोग उनकी परमिशन के बिना वहां नहीं आते. उन्होंने लड़की को पहचानने से इनकार कर दिया.

शुरुआती जांच लगभग पांच महीने तक चली. इसके बाद पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी. उसने पर्याप्त सबूत न होने और फुटेज में दिख रही लड़की की पहचान न कर पाने का हवाला दिया. जांचकर्ताओं ने वीडियो सबूतों में कमियों, ओरिजिनल फुटेज न मिलने और पड़ोसियों से पुष्टि न हो पाने का भी जिक्र किया.

आर्थिक रूप से कमजोर थीं पीड़िताएं

बाद में एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया और आगे की जांच का आदेश दिया. दोबारा शुरू हुई जांच के बाद 29 अगस्त को वीरमणि, शांति और महेंद्र सिम्हन की गिरफ्तारी हुई. जांचकर्ताओं को बाद में उस जगह का पता चल गया जहां कथित शोषण हुआ था. कुछ ही हफ्तों में, वीडियो में दिख रही पीड़िता और अन्य कथित पीड़ितों का भी पता लगा लिया गया.

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जांचकर्ताओं ने 7 ऐसी महिलाओं की पहचान की है, जो अपराध के समय नाबालिग थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, लड़कियां आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती थीं. पुलिस का आरोप है कि शांति चेन्नई के अलग-अलग इलाकों से 12-16 साल की लड़कियों की पहचान करने में मदद करती थी. फिर इन्हें एक किराए के घर में लाया जाता था. उन्हें पैसे और तोहफे भी दिए जाते थे.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने वीरमणि की कंपनी 'जेम ग्रेनाइट्स' के पूर्व कर्मचारी गणेशन को भी गिरफ्तार किया है. जांचकर्ताओं का दावा है कि उन्हें गणेशन के फोन से एक वीडियो मिला, जिसमें कथित तौर पर वीरमणि और एक नाबालिग लड़की दिखाई दे रही है.

गणेशन ने 'जेम ग्रेनाइट्स' में 23 साल तक काम किया था. उसे अधिकारियों को इस मामले की जानकारी न देने के आरोप में अरेस्ट किया गया है. जांचकर्ता आगे मामले की जांच कर रहे हैं. पता किया जा रहा है कि क्या किसी ने पिछली जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी

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