उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक गरीब मजदूर को इनकम टैक्स विभाग ने 7 करोड़ की वसूली का नोटिस भेजा है. हैरानी की बात यह है कि मजदूर के घर में महीने भर के खाने का अनाज भी मुश्किल से जमा हो पाता है. अब इस 7 करोड़ की वसूली की नोटिस से उसके पूरे परिवार पर परेशानी का पहाड़ टूट पड़ा है. मजदूर अब अधिकारियों से लेकर कोर्ट तक के चक्कर लगाने के लिए मजबूर है.
मजदूरी करके मुश्किल से चलता है घर, इनकम टैक्स ने भेजा 7 करोड़ से अधिक की वसूली का नोटिस
UP Labourer 7 Crore Income Tax Notice: नोटिस देखकर मजदूर और उसके पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई है. मजदूर ने पुलिस-प्रशासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है.


आजतक से जुड़े प्रशांत पाठक की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला हरदोई के माधौगंज थाना क्षेत्र के रुदामऊ गांव का है. यहां के रहने वाले गोविंद कुमार मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का खर्च चलाते हैं. उन्हें हाल ही में इनकम टैक्स का नोटिस आया, जिसमें कहा गया कि उनका 7 करोड़ 15 लाख 92 हजार 786 रुपये का टैक्स बकाया है. नोटिस देखकर गोविंद और उनके पूरे परिवार के पैरों तले जमीन ही खिसक गई.
फ्रॉड की आशंकापरिवार का कहना है कि एक मजदूर के पास 7 करोड़ रुपये भरने के लिए कहां से आएंगे. इधर गोविंद को उसके साथ फ्रॉड की आशंका है. उसने आजतक को बताया कि छह साल पहले वह काम की तलाश में कानपुर गया था. तब एक महिला ने उसे सरकारी मदद दिलाने के नाम पर झांसा दिया था. महिला उसे सीतापुर लेकर गई थी, जहां उसका बैंक में खाता खुलावाय गया था. बदले में उसे दो-तीन हजार रुपये दिए गए थे. लेकिन उससे उसकी चेकबुक ले ली गई थी.

अब गोविंद का मानना है कि इसी अकाउंट के जरिए उसके साथ फ्रॉड हुआ होगा. आशंका है कि गोविंद के अकाउंट के जरिए फर्जी कंपनियां बनाकर उनसे लाखों-करोड़ों का लेन-देन किया गया होगा. आयकर विभाग की टीम ने गोविंद को पुराने नोटिस और बैंक के ट्रांजैक्शन की डिटेल्स भी दिखाई. यह सब देखकर गोविंद को अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हुआ. अब गोविंद पूरे मामले में खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाने की तैयारी कर रहा है. उसने आजतक से बात करते हुए कहा,
मेरे साथ फ्रॉड हुआ है. पैसे के चक्कर में मेरा रजिस्ट्रेशन कराया गया था. कानपुर में काम करने गए थे और खाता खुलाया गया था. वहां मेरे साथ फ्रॉड हुआ है. अब मैं कप्तान जी से गुहार लगाना चाहता हूं कि मेरी मदद की जाए और माननीय मुख्यमंत्री जी योगी आदित्यनाथ जी से गुहार लगाता हूं कि मेरी थोड़ी मदद की जाए. मैं इतना गरीब आदमी हूं. मेहनत मजदूरी करता हूं और मेरे पास कुछ है नहीं, जो कहो कि मैं इतना लेनदेन कहां से करूंगा. जो कुछ है मेरे पास वह इतना ही है.
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गोविंद के बूढ़े मां-बाप भी इस नोटिस से बहुत परेशान हैं. उनका कहना है कि हमारा बेटा मजदूरी करता है, हमारे पास खेती-किसानी भी नहीं है. हम इतने पैसे कहां से लाएंगे. यह पूरा मामला सिस्टम की नाकामी भी दिखाता है कि एक शख्स के नाम पर सालों से फर्जी कंपनी बनाकर लेन-देन किए जा रहे हैं और बैंक से लेकर सरकारी एजेंसियों तक, किसी को भनक नहीं लगती.
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