The Lallantop

तीन देशों में सेवा दी, मुझसे कह रहे नागरिकता के सबूत दिखाओ... SIR से परेशान हुए पूर्व राजदूत

तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके पूर्व राजनयिक Navdeep Suri से नागरिकता का सबूत मांगा गया है. Punjab में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान उन्हें यह दिक्कत हुई. उन्होंने एक-एक बात बताई है.

Advertisement
post-main-image
पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी. (फाइल फोटो: X/@navdeepsuri)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • भारतीय विदेश सेवा के रिटायर्ड अधिकारी नवदीप सूरी को पंजाब में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान उनकी नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा गया।
  • सूचीबद्ध दस्तावेज 2003 के विशेष पुनरीक्षण से मेल नहीं खा रहे हैं क्योंकि नवदीप सूरी उस समय विदेश में तैनात थे, जिससे उनकी नागरिकता प्रमाणित करने में समस्या आई।
  • सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि पासपोर्ट को नागरिकता का पक्का प्रमाण न मानने के कारण आगे स्पष्टता की आवश्यकता बनी हुई है।

भारतीय विदेश सेवा (IFS) के रिटायर्ड अधिकारी नवदीप सूरी से उनकी नागरिकता का सबूत मांगा गया है. पंजाब में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान उन्हें इस दिक्कत का सामना करना पड़ा. नवदीप सूरी ने दशकों तक विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया. वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और मिस्र में भारत के राजदूत और ऑस्ट्रेलिया में हाई कमिश्नर रह चुके हैं.

Advertisement
क्या है पूरा मामला?

यह एक आम वेरिफिकेशन प्रोसेस के तौर पर शुरू हुआ था. अमृतसर के रहने वाले नवदीप सूरी ने अपने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से मुलाकात की और अपना वोटर ID और आधार कार्ड जमा किया. उन्हें बताया गया कि उनके डॉक्यूमेंट्स सही हैं. हालांकि, बाद में उन्हें मिले एक मैसेज ने नई समस्या खड़ी कर दी. नवदीप ने ‘X’ पर लिखा, 

"पंजाब में SIR के साथ अपने अनुभव के बारे में बता रहा हूं. मैं BLO के पास गया, वोटर ID और आधार कार्ड जमा किया. मुझे भरोसा दिलाया गया कि सब कुछ ठीक है. आज मुझे एक वॉलंटियर का मैसेज मिला जिसमें कहा गया है कि कुछ डिटेल्स 2003 के SIR से मेल नहीं खाती हैं!"

Advertisement
Ex Diplomat navdeep suri
(फोटो: X/@navdeepsuri)

इसका मतलब यह हुआ कि उनके जमा किए गए दस्तावेज अब काफी नहीं माने जा रहे थे. सूरी ने बताया कि उनसे अपनी भारतीय नागरिकता का सबूत लेकर वापस आने को कहा गया. ऐसा मालूम पड़ता है कि यह समस्या 2003 में उनके भारत में न होने की वजह से हुई. इंडिया टुडे के मुताबिक, उस समय सूरी विदेश में तैनात थे. इसी साल के आधार पर उनके डिटेल्स की जांच की जा रही थी. बाद में उनसे उनका पासपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया.

'अपने देश में नागरिकता साबित करो'

नवदीप सूरी तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद 2019 में रिटायर हुए थे. उनके लिए यह एक अजीब विडंबना थी. अब उनसे अपने ही देश में अपनी नागरिकता साबित करने के लिए कहा जा रहा था. उन्होंने पूछा, 

"अगर तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी मुझे अपनी नागरिकता साबित करने में परेशानी हो रही है, तो आम नागरिक का क्या होगा?"

Advertisement

भारत के चुनाव आयोग, पंजाब सरकार और केंद्र सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

ये भी पढ़ें: वोटर लिस्ट से नाम हटने पर प्रकाश राज बोले, 'अच्छा मजाक चल रहा है...'

पासपोर्ट नागरिकता का सबूत है?

नवदीप सूरी की पासपोर्ट की मांग ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है. विदेश मंत्रालय ने जून में साफ किया था कि पासपोर्ट नागरिकता का पक्का सबूत नहीं होते. आधार कार्ड को नवदीप पहले ही अपने वोटर ID के साथ जमा कर चुके थे. सरकार के मुताबिक, यह पहचान और निवास की पुष्टि तो करता है लेकिन नागरिकता की नहीं. कांग्रेस सांसद शशि थरूर समेत कई नेताओं ने पासपोर्ट और आधार कार्ड को नागरिकता के सबूत के तौर पर मान्यता देने की मांग की है.

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को सही मानते हुए क्या आदेश दिया?

Advertisement