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बांग्लादेश में एक ही हिंदू परिवार के 4 सदस्यों की हत्या, घर के अलग अलग हिस्से से मिला शव

बांग्लादेश के रंगपुर में रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी और दो बच्चों के शव घर के अलग-अलग हिस्सों से मिले. पुलिस ने हत्या के शक में दो चचेरे भाइयों को हिरासत में लिया है, हालांकि फिलहाल मामले में सांप्रदायिक एंगल का कोई सबूत नहीं मिला है.

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बांग्लादेश में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत. (फोटो- India Today)

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  • बांग्लादेश के रंगपुर शहर में 21 अगस्त की रात को गणपति चक्रवर्ती और उनके परिवार के चार सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया, जिसके शव उनके घर के विभिन्न हिस्सों से बरामद हुए।
  • हत्या की घटना के पीछे आरोपी मुग्धो और सिद्धार्थ का याबा नामक प्रतिबंधित नशीले पदार्थ का सेवन और गणपति के साथ विवाद बताया गया है, जिसके बाद उन्होंने परिवार के सदस्यों की हत्या की।
  • पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच जारी है, जबकि अब तक हत्या के पीछे किसी सांप्रदायिक कारण का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है।

बांग्लादेश में एक हिंदू परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का मामला सामने आया है. चारों के शव उनके घर में मिले हैं. 65 साल के गणपति चक्रवर्ती स्कूल से रिटायर थे और होमियोपैथी क्लिनिक चलाते थे. उनका शव घर की छत पर मिला. उनकी पत्नी प्रीतिलता, 23 साल की बेटी आगामी और 12 साल के बेटे प्रियम का शव भी घर के अलग-अलग हिस्सों से मिला है. शनिवार, 22 अगस्त की रात को साढ़े 11 बजे पुलिस ने उनके शवों को उनके घर से निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या के आरोप में दो चचेरे भाइयों को हिरासत में लिया गया है. दोनों की पहचान मुग्धो और सिद्धार्थ के रूप में हुई है. 

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ये घटना बांग्लादेश के रंगपुर शहर में हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर मोहम्मद अब्दुल माबूद ने बताया कि दोनों आरोपी गुरुवार, 21 अगस्त की रात को बगल वाली बिल्डिंग के रास्ते गणपति चक्रवर्ती के घर की छत पर पहुंचे थे. दोनों ने वहां पर कथित तौर पर याबा ड्रग्स लिया. याबा एक खतरनाक नशीला पदार्थ है, जिसका सेवन बांग्लादेश में प्रतिबंधित है. थाई भाषा में ‘याबा’ का मतलब ‘पागलपन की दवा’ या ‘madness drug’ होता है.

ड्रग्स ले रहे थे आरोपी

दोनों लड़के गणपति की छत पर ही ड्रग्स ले रहे थे. उनकी आवाज सुनकर गणपति छत पर गए. दोनों लड़कों से वहां आने की वजह पूछी. पुलिस के मुताबिक, अपनी पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने गणपति पर हमला कर दिया और उनके कंधे पर रखे गमछे से उनका गला घोंट दिया. गणपति के चिल्लाने की आवाज सुनकर उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती भी ऊपर आ गईं. आरोप है कि दोनों लड़कों ने सीढ़ियों पर प्रीतिलता का भी गला घोंट दिया. 

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पुलिस ने आगे बताया कि गणपति और प्रीतिलता की 23 साल की बेटी आगामी चक्रवर्ती और 12 साल के बेटे प्रियम की भी हत्या कर दी गई. आगामी का शव उनकी मां के साथ सीढ़ियों पर मिला जबकि प्रियम को घर के अंदर बेड के नीचे से बरामद किया गया. 

द डेली स्टार को रंगपुर मेट्रोपॉलिटन सीआईडी ​​के प्रभारी सुबीर चौधरी ने बताया कि उनके घर का सामान बिखरा हुआ और अस्त-व्यस्त पाया गया. शुरुआत में यह लूटपाट का मामला लग रहा है. लेकिन जांच पूरी होने तक अभी कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता.

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प्रीतिलता की बहन पूजा चक्रवर्ती ने बताया कि गुरुवार, 21 अगस्त की रात से पूरे परिवार का फोन बंद था. शनिवार, 22 अगस्त की रात को फोन बंद मिलने के बाद उनके घर पहुंची. घर का मेन गेट बंद था. अंदर की सभी लाइटें बंद थीं. उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी. बाद में पुलिस ने ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया. यहां से उन्हें चारों के शव मिले.

स्कूल टीचर थे गणपति

मृतक गणपति पिछले साल दिसंबर (2025) में रंगपुर जिला स्कूल से रिटायर हुए थे. तबसे वह होम्योपैथिक डॉक्टर के रूप में काम कर रहे थे. उनकी बेटी ने अंग्रेजी में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी कर ली थी. वहीं, उनका बेटा कक्षा 5 में पढ़ता था.

बता दें कि ये मौतें बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े हमलों और हिंसा को लेकर जारी चिंताओं के बीच हुई हैं. हालांकि, इस मामले में फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं है जो यह साबित करे कि रंगपुर हत्याकांड सांप्रदायिक था या पीड़ितों के धर्म से जुड़ा था.

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