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रामपुर जेल से छूटते ही आजम खान को ED ने क्यों उठा लिया? PMLA कोर्ट ने फिर भेजा जेल

दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से रिहा हुए थे आजम खान. ED ने जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें गिरफ्तार किया. कोर्ट ने गाजियाबाद की डासना जेल भेजने का आदेश दिया.

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आजम खान को गाजियाबाद की डासना जेल भेजा गया है (COURTSEY- ITG)

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  • समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में ईडी ने गिरफ्तार कर गाजियाबाद की डासना जेल भेज दिया है, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा।
  • आजम खान और उनके बेटे पर दो पैन कार्ड रखने, जालसाजी तथा धोखाधड़ी के आरोपों के कारण नवंबर 2025 में रामपुर कोर्ट ने दोषी ठहराया था, जिसके बाद उनसे जुड़ा मामला BJP नेता की शिकायत से शुरू हुआ था।
  • आजम खान की संपत्ति से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के लिए उनके खिलाफ स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की गई और कोर्ट से उनकी कस्टडी के लिए रिमांड मांगी जाएगी।

समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कबीना मंत्री आजम खान एक मामले में जेल से रिहा हुए थे. लेकिन तभी एक दूसरे केस में गिरफ्तार करने के लिए ईडी उनके पास पहुंच गई. थोड़ी देर के लिए आजाद रहने के बाद आजम खान फिर जेल में चले गए. उन्हें रविवार, 1 नवंबर को कोर्ट के सामने पेश किया गया. यहां कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आजम खान को गाजियाबाद की डासना जेल भेजा गया है. 

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2025 से जेल में आजम खान

आजम खान नवंबर 2025 से रामपुर की जेल में बंद थे. उनकी रिहाई तब हुई जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को उनकी सजा सस्पेंड कर दी और कथित तौर पर दो PAN कार्ड रखने के मामले में उन्हें जमानत दे दी. इस केस में आजम खान के साथ उनके बेटे और पूर्व MLA अब्दुल्ला आजम भी शामिल हैं. बाप-बेटे की जोड़ी को नवंबर 2025 में रामपुर कोर्ट ने जालसाजी, धोखाधड़ी, जाली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करने और क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी के आरोपों में दोषी ठहराया था.

ये केस BJP नेता आकाश सक्सेना की 2019 की शिकायत से शुरू हुआ था. इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला ने अलग-अलग जन्मतिथि वाले दो PAN कार्ड बनवाए थे. सरकारी वकील ने दावा किया कि दूसरे PAN कार्ड का इस्तेमाल उन्हें 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के लायक बनाने के लिए किया गया था.

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रिहा होकर आजम खान ने क्या कहा?

शनिवार, 31 अक्टूबर को रामपुर जेल से रिहा होने के बाद आजम खान ने मीडिया से बात की. पत्रकारों के सामने आते ही उन्होंने कहा,

कहने को क्या बचा ही क्या है? मैं क्या कह सकता हूं? कानून खत्म हो गया है. मुसलमान होने की ये सजा है? हमारी गलती ये थी कि एक मुस्लिम ने यूनिवर्सिटी बनाई. यह हमारा गुनाह है. हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए. क्या यह हमारा गुनाह है?

आजम के खिलाफ ED का केस क्या है?

रामपुर जेल से रिहा होते ही 78 साल के आजम खान को ED की टीम CRPF के जवानों और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ जेल से बाहर ले गई. अधिकारियों ने आजम को गाजियाबाद की स्पेशल प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया है. हालांकि कस्टडी में पूछताछ के लिए कोर्ट से उनकी रिमांड मांगी जाएगी.

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(यह भी पढ़ें: आजम खान रामपुर जेल से छूटे ही थे, फिर ED उठा ले गई, पर किस केस में?)

ED ने आजम खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. बुधवार, 28 अक्टूबर को एजेंसी ने ऐलान किया कि उसने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत रामपुर में आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और बिल्डिंग्स अटैच कर ली है. अटैच की गई प्रॉपर्टी की अनुमानित मार्केट वैल्यू 1,170 करोड़ रुपये है. ED ने आरोप लगाया कि जनता के कामों के लिए दिए गए सरकारी फंड को प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने में लगाया गया.

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