बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने 22 साल के प्रांजल ठकरान को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि प्रांजल ने इस मामले के मुख्य आरोपी अनिल पंडित के कहने पर फायरिंग करने वालों को हथियार मुहैया कराए थे. प्रांजल को मध्य प्रदेश के इंदौर से पकड़ा गया. वो अस्पताल में भर्ती अपने लकवाग्रस्त भाई से मिलने गया था. इस मामले में अब तक 11 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं.
पहलवान-इंजीनियर बना हथियार सप्लायर, टाइगर श्रॉफ केस में पकड़ा गया एक और आरोपी
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने 22 साल के प्रांजल ठकरान को इंदौर से गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वो मुख्य आरोपी अनिल पंडित के संपर्क में था. प्रांजल को लेकर कई और खुलासे भी हुए हैं.

प्रांजल ठकरान हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है. उसकी उम्र 22 साल है. उसने पुलिस को बताया कि वो पहलवान है और इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर चुका है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को एक टिप मिली थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया. रविवार 25 अक्तूबर को उसे मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट(मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित एक ऐतिहासिक और प्रमुख निचली अदालत) में पेश किया गया.
पुलिस ने कोर्ट को बताया,
टाइगर की कार पर फायरिंग में क्या भूमिका थी?‘प्रांजल का भाई लकवा से पीड़ित है और अस्पताल में भर्ती है. हमें गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर हमने उसे गिरफ्तार किया. उसके भाई की देखभाल करने वाले व्यक्ति को उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दे दी गई है.’
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में बाइक पर सवार तीन लोगों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई थीं. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से लिखा है कि प्रांजल सीधे अनिल पंडित के संपर्क में था. अनिल इस मामले में वांटेड आरोपी है. पुलिस का कहना है कि प्रांजल उसके कहने पर काम कर रहा था और उसने गोली चलाने वाले आरोपियों को हथियार मुहैया कराए थे.
यह भी पढ़ें: अमित शाह पर की थी टिप्पणी, अब राहुल गांधी को कोर्ट ने बरी किया
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि प्रांजल का आपराधिक रिकॉर्ड है और वो फिलहाल जमानत पर बाहर था. पुलिस के मुताबिक, प्रांजल और इस मामले के कथित शूटर रेहान अंसारी उर्फ सुक्खा, पहले भी हरियाणा के पानीपत में हुई फायरिंग की एक घटना में शामिल रहे हैं.
मुंबई पुलिस ने कोर्ट से प्रांजल की हिरासत मांगी. पुलिस का कहना है कि, उसे यह पता लगाना है कि आरोपियों के बीच बातचीत के लिए कौन-कौन से मैसेजिंग ऐप इस्तेमाल किए गए थे. साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि क्या अनिल पंडित ने आरोपियों को पैसे दिए थे.
प्रांजल के वकील ने क्या कहा?दूसरी तरफ प्रांजल के वकील अजिंक्य मिरगल ने कहा कि उनके मुवक्किल का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने दलील दी कि प्रांजल अपने बीमार भाई से मिलने इंदौर गया था और पुलिस ने उसे अस्पताल से उठा लिया. फायरिंग के वक्त वो मौके पर मौजूद भी नहीं था. वकील अजिंक्य ने ये भी कहा कि पैसों के लेन-देन और दूसरे लिंक्स की जांच डिजिटल डेटा से की जा सकती है, इसलिए प्रांजल को पुलिस हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है. हालांकि, कोर्ट ने पुलिस की मांग मानते हुए प्रांजल ठकरान को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
वीडियो: प्रोजेक्ट चीता: दो घंटे तक किसने रोक दिया था प्लेन? एयरपोर्ट पर ही मर जाते सारे चीते!









