मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को JDU से निकालकर कहानी खत्म नहीं हुई. अब उन पर सरकारी ऐक्शन भी शुरू हो गया है. अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को सरकार की ‘20-पॉइंट प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन कमेटी’ से हटा दिया गया है. वो इस कमेटी में मेंबर के तौर पर थीं. इस कार्रवाई के बाद अब उनका राज्यमंत्री का दर्जा भी समाप्त हो गया. सरकार ने अब उनसे 1-मॉल रोड वाला सरकारी घर भी खाली करने को कह दिया है.
अनंत सिंह का परिवार रडार पर? पत्नी से सरकार ने मंत्री पद छीना, बंगला भी खाली करना होगा
अनंत सिंह और नीलम देवी को जेडीयू से 6 साल के लिए निकाले जाने के बाद सरकार ने नीलम देवी को स्टेट लेवल की एक कार्यान्वयन कमेटी से हटा दिया है. उनसे सरकारी बंगला खाली करने को भी कहा गया है.

भवन निर्माण विभाग ने नीलम देवी को सरकारी आवास खाली करने की डेडलाइन भी बता दी है. नोटिस में कहा गया है कि 25 नवंबर तक उन्हें सरकारी आवास खाली कर देना है. नीलम और उनके पति अनंत सिंह अपने परिवार के साथ इसी घर में रहते हैं. सरकार की इस कार्रवाई के बाद नीलम देवी को मिले सभी सरकारी पद और सुविधाएं वापस ले ली गई हैं.
6 साल के लिए पार्टी से बाहर हैं दंपतीनीलम देवी पर ये कार्रवाई तब हुई है, जब विधान परिषद चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार का विरोध करने पर उन्हें और उनके पति अनंत सिंह को JDU से 6 साल के लिए निकाल दिया गया. JDU प्रत्याशी नीरज कुमार से पुरानी अदावत के चलते अनंत सिंह खुले तौर पर जनसुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे थे. पार्टी ने इसे ‘बगावत’ माना और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. इसके साथ ही विधानसभा स्पीकर से उनकी विधायकी खत्म करने की भी सिफारिश कर दी.
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हालांकि, पार्टी से निकाले जाने का असर अनंत सिंह के तेवर में दिखा नहीं. जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि उन्हें JDU से बाहर निकाले जाने का कोई गम नहीं है. उन्होंने दूसरी किसी पार्टी में जाने की बात भी खारिज कर दी और कहा कि जरूरत पड़ी तो वो ‘अपनी पार्टी बना लेंगे’. हालांकि, उन्होंने बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ कुछ नहीं कहा. बस इतना बोले कि ‘पार्टी नीतीश जी की थी. नीतीश जी अब खत्म हो गए तो पार्टी खत्म हो गई.’
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