इस मंदिर से मुस्लिम कर्मियों को हटाने का नोटिस, कभी बाबा अलाउद्दीन रियाज किया करते थे
बाबा अलाउद्दीन ने यहां एक संगीत घराने की स्थापना की थी. पंडित रविशंकर बाबा के शिष्य थे.
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मध्य प्रदेश का मैहर जिला, ‘मां शारदा’ के मंदिर के (Maihar Temple) लिए जाना जाता है. मंदिर में पिछले कई दशक से मुस्लिम कर्मचारी (Maihar Temple Muslim employee) भी काम कर रहे हैं. लेकिन अब खबर है कि मंदिर में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. कारण है मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया एक निर्देश.
दरअसल, मध्य प्रदेश के मैहर जिले के मां शारदा मंदिर में साल 1988 से दो मुस्लिम कर्मचारी काम कर रहे हैं. NDTV में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश सरकार ने इसको लेकर एक निर्देश जारी किया है. मैहर मंदिर को राज्य संस्कृति और धार्मिक न्यास विभाग के उप सचिव पुष्पा कलेश की तरफ से एक लेटर मिला है. मंदिर समिति को 17 जनवरी को जारी किए गए लेटर के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है. लेटर के अनुसार, मैहर शहर से मांस व मदिरा की दुकान हटाए जाने की बात भी कही गई है.
VHP और बजरंग दल ने कहारिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आदेश विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के समर्थकों के कहने पर लाए गए हैं. जनवरी महीने में VHP व बजरंग दल के समर्थकों ने राज्य संस्कृति और धार्मिक न्यास मंत्री उषा सिंह ठाकुर से इस संबंध मुलाकात की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, जिला कलेक्टर अनुराग वर्मा ने बताया कि नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी. कलेक्टर मैहर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रमुख भी हैं.
बाबा अलाउद्दीन खान और मैहरराज्य सरकार के इस आदेश से मैहर मंदिर समिति के दो मुस्लिम कर्मचारी पर ही असर नहीं पड़ेगा. मैहर का इतिहास बताता है कि आदेश का असर कितना गहरा हो सकता है. मैहर, प्रसिद्ध संगीतकार और मैहर घराने की स्थापना करने वाले बाबा अलाउद्दीन खान का घर है. पंडित रविशंकर, पंडित निखिल बनर्जी और उनकी बेटी अन्नपूर्णा देवी व बेटा उस्ताद अली अकबर खान बाबा अलाउद्दीन खान के शिष्य रहे हैं.
अलाउद्दीन खान, मैहर के मां शारदा मंदिर में प्रार्थना करने के साथ-साथ संगीत का रियाज भी करते थे. बताया जाता है कि एक बार जिले में महामारी आई. जिसके बाद मैहर में कई बच्चे अनाथ हो गए. तब अलाउद्दीन बाबा ने उन्हें अपने संरक्षण में ले लिया. इसके बाद ‘मैहर बैंड’ नाम से एक संगठन बनाया गया. इस बैंड में कलाकारों की पांचवीं पीढ़ी आज भी संगीत सीख रही है.
मैहर का मां शारदा देवी मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है. ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव ने जब सती के साथ तांडव किया था, तो सती का हार त्रिकूट पहाड़ी पर गिर गया था. और इसी के नाम पर जगह का नाम मैहर पड़ा. मैहर का मतलब है ‘माता का हार’. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैहर मंदिर आज से लगभग 1800 साल पहले बना था.
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