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मोदी सरकार के मंत्री बिट्टू ने इस्तीफा दिया, प्रधानमंत्री की सलाह पर रिजाइन मंजूर

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह इस्तीफा ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2027 के Punjab Assembly Election की तैयारी कर रही है.

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रवनीत सिंह बिट्टू साल 2024 में बीजेपी में शामिल हुए. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

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  • केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 24 जुलाई 2024 को अपने पद से इस्तीफा दिया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
  • बीजेपी पंजाब में विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है और अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है, जिसके चलते बिट्टू ने पंजाब विधानसभा चुनाव में पूरी तरह ध्यान देने के लिए इस्तीफा दिया।
  • इस इस्तीफे के बाद बिट्टू पंजाब विधानसभा चुनावों पर फोकस करेंगे और राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार वे लुधियाना (सेंट्रल) सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार, 24 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया. यह इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर मंजूर किया गया. ऐसा माना जा रहा है कि रवनीत सिंह बिट्टू अब अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव पर फोकस करेंगे. उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को खत्म हो गया था.

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रवनीत सिंह बिट्टू को जून 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी. इसके बाद अगस्त 2024 से जून 2026 तक उन्होंने राजस्थान से राज्यसभा सदस्य के तौर पर काम किया. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल के लोकसभा चुनाव जीतने से यह सीट खाली हुई थी. बिट्टू को इसी सीट के बाकी बचे कार्यकाल के लिए नॉमिनेट किया गया था. 

इस्तीफे पर क्या बोले बिट्टू?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा मंजूर किया. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. बिट्टू ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, 

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"मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मुझे भारत सरकार में राज्य मंत्री के तौर पर देश की सेवा करने का मौका दिया. भारत के लोगों खासकर मेरे प्यारे पंजाब की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है. मैं पीएम मोदी की लीडरशिप में विकसित भारत के विजन के आदर्शों के लिए कमिटेड हूं. पब्लिक सर्विस का मेरा सफर नए डेडिकेशन के साथ जारी है."

पंजाब इलेक्शन पर फोकस

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है. बीजेपी ने शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज कर दिया है और अकेले चुनाव लड़ने की योजना बना रही है. 

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रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता बेअंत सिंह के पोते हैं. कांग्रेस से तीन बार लोकसभा सांसद रहे बिट्टू 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे. 2024 के लोकसभा चुनावों में बिट्टू ने बीजेपी के टिकट पर लुधियाना से चुनाव लड़ा, लेकिन पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से 20,942 वोटों के अंतर से हार गए.

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'लुधियाना से लड़ सकते चुनाव'

2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने केवल दो सीटें जीतीं. ऐसे में पार्टी पंजाब में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है. इसी योजना के तहत केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है ताकि वे पूरी तरह पंजाब चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर सकें.

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री के पोते होने की वजह से उनकी सिख वोटर्स के बीच अच्छी पकड़ मानी जाती है. बीजेपी उन्हें राज्य में अपने प्रमुख सिख चेहरे के रूप में पेश कर रही है. राजनीतिक गलियारों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रवनीत बिट्टू पंजाब की लुधियाना (सेंट्रल) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.

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