सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में छात्रों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई से जुड़ी याचिका पर तुरंत सुनवाई से मना कर दिया. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की अपील पर 20 जुलाई को स्टूडेंट्स नई दिल्ली में 'चलो संसद' मार्च में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी झड़प हुई. याचिका देने वाले वकील ने भारत के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत से इस मुद्दे पर तुरंत सुनवाई करने की अपील की, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया.
लाठीचार्ज के वीडियो देखने का टाइम नहीं... छात्रों की पिटाई पर सुनवाई से CJI सूर्यकांत का इनकार
Surpeme Court में CJP Protest में शामिल छात्रों पर Delhi Police की कथित बर्बरता मामला पहुंचा. वकील ने CJI Surya Kant से तुरंत सुनवाई की अपील की. चीफ जस्टिस सूर्यकांत अर्जेंट सुनवाई के लिए राजी नहीं हुए.


22 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने याचिका रखी गई. उनसे अर्जेंट सुनवाई की गुजारिश की गई. इंडिया टुडे से जुड़ीं अनीषा माथुर की रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अर्जी देने वाले वकील से कहा, "हमारा समय बर्बाद मत कीजिए, और अपना समय बर्बाद मत कीजिए."
वकील ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत को बताया कि छात्र मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट' (NEET) की चाक-चौबंद परीक्षा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे जरूरी मुद्दे उठा रहे हैं. वकील की बात बीच में ही काटते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा,
CJI सूर्यकांत ने और क्या कहा?"थैंक्यू वेरी मच. (आपका बहुत धन्यवाद)"
जब वकील ने कहा कि पुलिस की ज्यादती दिखाने वाले वीडियो हैं, तो CJI सूर्यकांत ने कहा,
"हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है. हमारे पास (वीडियो) देखने का समय नहीं है."
कल यानी 21 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी ऐसे ही एक मामले की तुरंत सुनवाई करने से मना कर दिया था. दिल्ली हाई कोर्ट ने वजह बताई थी,
दिल्ली हाई कोर्ट ने भी किया था इनकार"कोर्ट को इसमें मत घसीटो."
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर प्रोटेस्ट की अगुवाई कर रही है. यह एक सर्कास्टिक प्लेटफॉर्म है, जिसका नाम इस साल की शुरुआत में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणियों से लिया गया.
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CJI सूर्यकांत ने पत्रकारिता और एक्टिविज्म की ओर रुख करने वाले बेरोजगार युवाओं का जिक्र करते हुए 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल किया था. उनकी टिप्पणी का भारी विरोध हुआ. मामला बढ़ा तो CJI सूर्यकांत ने साफ किया कि उनकी टिप्पणी सिर्फ उन लोगों के लिए थी, जिनके पास 'नकली और फर्जी डिग्रियां' थीं.
वीडियो: भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने युवाओं को कॉकरोच क्यों कहा?











