जंतर-मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने ‘अधिकतम संयम’ बरतते हुए सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया है. हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए पुलिस ने ये कार्रवाई की है, जिस पर सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने अस्पताल में भर्ती करने का कोई आदेश नहीं दिया था. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सिर्फ हेल्थ की रेगुलर मॉनिटरिंग की बात कही थी. पुलिस का काम हाईकोर्ट के ऑर्डर के हिसाब से नहीं है. गीतांजलि ने कहा कि सोनम वांगचुक का कोई ईलाज नहीं किया जा रहा. सिर्फ उन पर निगरानी रखी जा रही है. टेस्ट करवाए जा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि टेस्ट की रिपोर्ट्स उन्हें मांगने पर भी नहीं दी जा रही है.
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल टूट गई? पत्नी गीतांजलि ने क्या बताया?
जंतर-मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती किए जाने पर उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि हाईकोर्ट ने सिर्फ स्वास्थ्य की निगरानी का निर्देश दिया था, अस्पताल में भर्ती करने का नहीं.


गीतांजलि ने कहा कि वह सोनम वांगचुक का टेस्ट बाहर की लैब से करवाने जा रही हैं, क्योंकि उन्होंने अस्पताल से जो रिपोर्ट मांगी है, वो उन्हें नहीं दी जा रही है. उन्होंने सरकारी टेस्ट की रिपोर्ट पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा,
अस्पताल के लोग बता रहे हैं कि वांगचुक का पोटैशियम लेवल 2.9 हो गया है. लेकिन कल (शुक्रवार, 17 जुलाई) को वो 4.3 था. हम इसको दूसरी लैब से क्रॉसचेक करना चाहते हैं.
गीतांजलि ने बताया कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है. वह कोई इलेक्ट्रोलाइट्स नहीं ले रहे हैं. उनकी फास्टिंग जारी है और वो कोई शुगर नहीं ले रहे. सिर्फ नमक-पानी ले रहे हैं, जो पहले भी ले रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार ने सोनम को अस्पताल पहुंचाकर चिंता दिखाई, इसके लिए वह आभारी हैं, लेकिन अब आगे की देखभाल उनका परिवार और उनके डॉक्टर करेंगे. उन्होंने कहा कि ये (भारत) कोई कम्युनिस्ट देश नहीं है, जहां गवर्नमेंट डिसाइड करेगी कि आप कौन से हॉस्पिटल में जा रहे हैं. यह एक प्राइवेट पर्सन की इंडिविजुअल चॉइस है. जिस हॉस्पिटल पर हम भरोसा करते हैं और जहां हम कंफर्टेबल हैं, हम वहां उनको (सोनम वांगचुक को) लेकर जाएंगे. उन्होंने आगे कहा,
मैं आभारी हूं कि गवर्नमेंट ने इतना सोचा और अस्पताल लेकर आए लेकिन यहां से क्या करना है वो हम अपने आप करेंगे. सरकार को इसमें दखलअंदाजी करने की जरूरत नहीं है.
सोनम वांगचुक की हेल्थ पर अपडेट देते हुए गीतांजलि ने कहा कि वो कमजोर हो गए हैं. मसल्स कम हो रहे हैं. यह तो किसी भी फास्ट में होता ही है लेकिन सोनम बहुत मजबूत हैं. अलर्ट हैं. इससे पहले गीतांजलि आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों से अपील की थी कि उनकी इजाजत के बिना सोनम वांगचुक को न तो मुंह के जरिए और न ही नसों (इंट्रावीनस) के जरिए कोई दवा या तरल पदार्थ दिया जाए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
'बिना इजाजत सोनम को कुछ न दें'मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूं. यहां सोनम वांगचुक भर्ती हैं. मेरी, उनके परिवार और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत पर नजर रख रहे डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें मुंह से या नसों के जरिए कुछ भी न दिया जाए.
गीतांजलि ने ये भी कहा कि शुक्रवार, 18 जुलाई को उनकी हालत ठीक थी. उन्हें अस्पताल लाने की कोई जरूरत नहीं थी. अनुच्छेद 32 का हवाला देते हुए गीतांजलि ने कहा कि ये उनका अधिकार है कि उनकी और उनके डॉक्टर की इजाजत के बिना सोनम को कुछ भी नहीं दिया जा सकता.
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बता दें कि 28 जून 2026 से शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार, 18 जुलाई को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करा दिया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि एक्सपर्ट्स की सलाह के बाद और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए सोनम वांगचुक को जरूरी मेडिकल केयर के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने कहा कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अड़चन पैदा करने की कोशिश की, जिससे मामूली अफरा-तफरी मच गई. लेकिन पुलिस ने ‘अधिकतम संयम बरतते’ हुए सुरक्षित रूप से कार्रवाई पूरी की. दिल्ली पुलिस ने इसके साथ ही जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों कहा कि वो शांति से जगह खाली कर दें.
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