The Lallantop

पुलिस की एक गलती से मिली जमानत हुई रद्द, कोर्ट ने सोनम रघुवंशी से कहा- करो सरेंडर

Raja Murder Case की आरोपी Sonam Raghuvanshi की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी है. अदालत ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए उन्हें तीन हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया.

Advertisement
post-main-image
सोनम रघुवंशी (बाएं) पर अपने पति राजा रघुवंशी (दाएं) की हत्या का आरोप है. (फोटो: आजतक)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की हत्या मामले में जमानत रद्द कर दी है और उन्हें तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।
  • सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के पीछे पुलिस जांच में हुई तकनीकी गलती और अरेस्ट मेमो में धारा की गलत प्रविष्टि को आधार माना गया था।
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी नहीं होती है तो सोनम पुनः जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है और तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है. सोनम पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है. गुरुवार, 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी. अदालत ने कहा कि वह जमानत की हकदार नहीं थी.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

मेघालय हाई कोर्ट ने 29 जून को शिलांग कोर्ट के उस आदेश को सही ठहराया था जिसके तहत सोनम को जमानत दी गई थी. इसके बाद राज्य सरकार ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस एमएम सुंदेश और पीबी वराले की बेंच ने मेघालय सरकार की याचिका को मंजूरी दे दी. 

बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि निचली अदालतों ने महज दस्तावेजी व तकनीकी गलतियों के आधार पर जमानत दे दी, जो एक बड़ी भूल थी. कोर्ट ने कहा कि हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी का बाहर रहना, चल रहे ट्रायल में दिक्कत पैदा कर सकता है. 

Advertisement
क्या है मामला?

यह मामला मई 2025 का है. मध्य प्रदेश के इंदौर की रहने वाली सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी के साथ हनीमून मनाने मेघालय गई थीं. 2 जून को 29 साल के राजा रघुवंशी की लाश मिली. सोनम पर राजा की हत्या की साजिश रचने का आरोप है. उन्हें जून 2025 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में हत्या समेत कई अपराधों के लिए उन पर चार्जशीट दाखिल की गई. फिलहाल मामले की सुनवाई चल रही है.

सोनम रघुवंशी को क्यों मिली थी जमानत?

अप्रैल 2026 में ईस्ट खासी हिल्स की जिला और सत्र अदालत ने सोनम को जमानत दे दी. अदालत ने माना कि जांच एजेंसी कानून के मुताबिक उनकी गिरफ्तारी के आधार को ठीक से नहीं बता पाई थी. पुलिस दस्तावेजों में एक बड़ी तकनीकी चूक भी हुई थी. अरेस्ट मेमो में हत्या की वास्तविक धारा BNS की धारा 103(1) के बजाय गलती से धारा 403(1) लिख दी गई थी, जो कि अस्तित्व में ही नहीं थी. इसी तकनीकी खामी को आधार बनाकर अदालत ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया को दोषपूर्ण माना था.

ये भी पढ़ें: 'सोनम को खरोंच तक क्यों नहीं आई?', राजा रघुवंशी की मां की बातें ध्यान खींचती हैं

Advertisement
मेघालय सरकार ने दी चुनौती

इसके बाद मेघालय सरकार ने उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी. 29 जून को मेघालय हाई कोर्ट ने जमानत मंजूर रखने का फैसला सुनाया. इसके बाद राज्य सरकार ने सोनम की जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अब कोर्ट ने सोनम की जमानत रद्द कर दी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी नहीं होती है, तो सोनम जमानत के लिए आवेदन कर सकती है. 

वीडियो: 'थाईलैंड जाना चाहता था बेटा', राजा रघुवंशी के पिता ने सोनम के बारे में क्या बताया?

Advertisement