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नेपाल में बाढ़ ने मचाई भारी तबाही, 105 भारतीय टूरिस्ट लापता, बिहार के 6 जिले भी खतरे में!

Nepal Flood : रसुवा जिले में तिब्बत की तरफ से आने वाली भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है. टिमुरे बॉर्डर पोस्ट और आसपास के इलाकों में कई वाहन, घर और पेड़ बाढ़ में बह गए. बिहार के सीमावर्ती जिलों में अलर्ट जारी किया गया है.

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नेपाल में बाढ़ से कई घर, पुल बह गए हैं (PHOTO- India Today)

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  • नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने कई गांव, घर, पेड, पुल और Hydroelectric Project को बर्बाद कर दिया है, जिससे अब तक पांच से अधिक लोगों की मौत हुई है।
  • भोटेकोशी नदी में पिछले साल भी आई बाढ़ के कारण इलाके में पहले से जुड़ा नुकसान था, जिससे कमजोर बनी संरचनाएं और भारी वर्षा इस मौजूदा जल प्रलय की वजह बनी है, जो नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र को प्रभावित कर रही है।
  • नेपाल सरकार ने प्रभावित इलाकों में सेना, पुलिस और राहत एजेंसियों को तैनात कर बचाव कार्य तेज किया है, वहीं बिहार में भी सीमावर्ती जिलों में बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

नेपाल में अचानक आए बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. बाढ़ की भयावहता का अंदाजा वीडियो देखकर लगाया जा सकता है. खौफनाक मंजर की ये तस्वीरें नेपाल के रसुवा जिले की हैं. कई गांव, घर, पेड पानी में बह गए. एक पुल भी टूट गया. तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने सब बर्बाद कर दिया है. कई Hydroelectric Project को भी तहस-नहस कर दिया है. काठमांडू पोस्ट की र‍िपोर्ट के मुताबिक में रसुवा में बाढ़ से अब तक 5 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. वहीं 25 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया है. 

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नेपाल में आए जल प्रलय के बाद बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है. बाढ़ में कई विदेशी पर्यटकों के फंसे होने की खबर आ रही है. आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, 105 भारतीय टूरिस्ट के लापता होने की खबर है.

5 जिलों में अलर्ट, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू

सरकार ने 5 जिलों में अलर्ट जारी कर सेना के हेलीकॉप्टरों को रेस्क्यू में लगाया है. भोटेकोशी में पानी बढ़ने के बाद आगे त्रिशूली नदी में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही खतरा बढ़ने पर सुरक्षित जगह जाने की सलाह दी गई है. फिलहाल त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोगों से नदी में जाने, मछली पकड़ने और किनारे पर काम करने से बचने को कहा गया है.  

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वीड‍ियो में आगे बढ़ने से पहले ज‍िस जगह बाढ़ आई है, उसकी भौगोल‍िक स्थ‍ित‍ि भी जान लेते हैं. रसुवा जिला नेपाल के मध्य-उत्तर हिस्से में स्थित एक पहाड़ी जिला है. ये बागमती प्रदेश का हिस्सा है. इसका जिला मुख्यालय धुन्चे (Dhunche) है. रसुवा के उत्तर में चीन का तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र है. ये नेपाल-चीन का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर एर‍िया है.  

कई पुलिसकर्मी लापता

इस बाढ़ के बाद टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के बाद से इनसे संपर्क नहीं हो पाया है. हालांकि, बॉर्डर पोस्ट पर मौजूद 25 से 30 दूसरे लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं. रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने काठमांडू पोस्ट को बताया क‍ि टिमुरे सहित आसपास के दो बाजार बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. रसुवा भन्सार क्षेत्र में बड़ी संख्या में गाड़ी और कई सामान मौजूद थे. जिन्हें बाढ़ अपने साथ बहा ले गई. पिछले साल की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई जगह को अभी हाल ही में बनाया गया था. जिसमें नया पुल भी इस बार बाढ़ की तेज बहाव में बह गया.

रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने बताया कि निचले तटीय इलाकों में Hydroelectric Project के बह जाने और बस्तियों में बाढ़ का पानी घुसने की जानकारी मिली है. बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बाजार और सीमा क्षेत्र में खड़े कई वाहन पानी के तेज बहाव में बह गए. स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर नुकसान की जानकारी सामने आई है.

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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को तैनात करने के निर्देश दिए हैं. प्रभावित इलाकों में दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भेजे गए हैं. बालेन शाह ने कहा कि राहत और बचाव का काम तेजी से चल रहा है. आपदा प्रबंधन एजेंसी के साथ मेडिकल टीमें, स्काउट्स और रेड क्रॉस की टीमें मिलकर काम कर रही हैं. प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ भी भेजा जा रहा है. बालेन ने नदी किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.

सामने आ रहे भयावह वीडियो

तबाही के जो वीडियो सामने आ  हे है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाढ़ कितनी खतरनाक थी. वैसे ये पहली बार नहीं है जब भोटेकोशी नदी में बाढ़ से बर्बादी हुई हो. भोटेकोशी नदी में पिछले साल भी बाढ़ आई थी. उस हादसे में 9 लोगों की जान गई थी, 24 लोग लापता हो गए थे. नेपाल और चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बाढ़ में बह गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच रोड कनेक्शन और ट्रेड कई महीनों तक प्रभावित रहा था.

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भोटेकोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में आती है. फिर आगे जाकर सुनकोशी नदी में मिल जाती है. यही सुनकोशी नदी आगे चलकर सप्तकोशी यानी कोसी नदी बनती है. जो भारत के बिहार में प्रवेश करती है. अब नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए बिहार में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. बिहार के मुख्य सचिव ने कई जिलों के डीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की है. गंडक और कोसी नदी के प्रभाव वाले जिलों में खास सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है. 

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