IIT इंजीनियरिंग करने वाले छात्रों की पहली पसंद होती है. उसमें नंबर आना यानी करियर में कई अवसर का खुलना, शानदार पैकेज मिलना. लेकिन एक प्राइवेट कॉलेज के छात्र का कहना है कि IIT, ‘सिर्फ एक टैग’ है. इससे थोड़ी पहचान जरूर मिल सकती है. लेकिन करियर में सक्सेस का एकमात्र रास्ता नहीं. उसने अपनी 4.8 लाख की कमाई का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है.
22 साल का लड़का हर महीने कमा रहा करीब ₹5 लाख, स्क्रीनशॉट दिखाकर IIT को लपेट दिया
Lavanya Jain X post: 22 साल के लावण्या जैन कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर पार्ट-टाइम काम करता है. उसने एक्स पर दावा किया है कि वह कॉलेज छोड़ने के अच्छा कमा रहा है. कॉलेज के सबसे ज्यादा प्लेसमेंट पैकेज (100k USD) से भी ज्यादा कमा रहा है.

22 साल के लावण्या जैन B.Tech ड्रॉप आउट हैं. वह कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर पार्ट-टाइम काम करते हैं. उन्होंने अपने विचारों को एक्स पर साझा किया है. साथ ही अपने दावे का प्रूफ करने के लिए इनकम और पेआउट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया है. लावण्या ने लिखा,
मैं IIT से नहीं हूं. मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में अपनी B.Tech की पढ़ाई आखिरी सेमेस्टर में ही छोड़ दी. मुझे लगता है कि यह मेरी जिंदगी के सबसे अच्छे फैसलों में से एक था. मैं अपने कॉलेज के सबसे ज्यादा प्लेसमेंट पैकेज (100k USD) से भी ज्यादा कमा रहा हूं. वह भी एक कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर पार्ट-टाइम काम करके.
लावण्या ने अपने इनकम सोर्स के बारे बताते हुए लिखा,
मेरी पैसिव इनकम के 5 जरिये हैं. मेरी मेन इनकम से मेरे सारे खर्चे निकल आते हैं (वैसे, मैं काफी खर्च करता हूं). यह कोई शेखी बघारना नहीं है, सच में नहीं. बस एक छोटी सी याद दिलाने वाली बात है कि IIT, सिर्फ एक टैग है. इससे आपको एलुमनाई नेटवर्क और थोड़ी पहचान जरूर मिल सकती है. लेकिन उसका क्या फायदा जब आपके अंडर ही कुछ IIT-ians काम कर रहे हों. lol.
अपने दावे को साबित करने के लिए, लावण्या ने दो बड़े बैंक क्रेडिट के स्क्रीनशॉट शेयर किए. इन ट्रांजैक्शन में 3.74 लाख रुपये और 1.12 लाख रुपये की जानकारी थी, जो कुल मिलाकर लगभग 4.86 लाख रुपये होते हैं.
लावण्या की इस कहानी ने करियर को लेकर नई बहस छेड़ दी है. किसी का कहना है कि उन्हें लावण्या की तरह बनना है, तो किसी ने गुमराह होने से बचने के लिए कहा.
स्वामी नाम के यूजर ने आईआईटी का बचाव करते हुए लिखा,
सिर्फ इसलिए कि सचिन 10वीं में फेल हुए और फिर भी एक सफल क्रिकेटर बने, लोग हाई स्कूल की पढ़ाई नहीं छोड़ते. आम तौर पर एक IIT-ian ज्यादा सफल होता है. जो भी यह पढ़ रहा है - IIT का लक्ष्य रखो. ऐसे रैंडम उदाहरणों से गुमराह मत हो.

एक यूजर ने इसे अपनी इंस्प्रेशन माना और कहा,
मैं ऐसी किसी चीज की कामना कर रहा हूं.

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में बताया लावण्या उत्तर प्रदेश के शामली में बड़े हुए हैं. उन्होंने स्कॉटिश इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की. 12वीं क्लास में उनके 95% से ज्यादा मार्क्स आए थे, जिसमें मैथ में 100 मार्क्स थे. उन्होंने जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) का टेस्ट दिया. लेकिन वैसा नतीजा नहीं मिला, जिसकी उम्मीद थी.
लावण्या ने इलेक्ट्रॉनिक्स में B.Tech करने के लिए नोएडा के जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (JIIT) में एडमिशन लिया. मगर कॉलेज के दौरान उन्हें ट्रेडिशनल इंजीनियरिंग करियर के बजाय स्टार्टअप ग्रोथ, मार्केटिंग, कॉन्टेंट डिस्ट्रीब्यूशन और टेक्नोलॉजी में ज्यादा दिलचस्पी महसूस हुई.
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पढ़ाई के बीच में ही फ्रीलांसिंग करना शुरू कर दिया. प्रोडक्ट मार्केटिंग, SEO, डेवलपर रिलेशंस, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और ग्रोथ स्ट्रैटेजी जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के साथ काम किया. उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल DRDO, LangDB, Dualite, Runable, Social Capital Inc. जैसी संस्थाओं के साथ काम करने का अनुभव दिखाती है.
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