बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलने के बाद ममता बनर्जी की नंदीग्राम से उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है. शुभेंदु अधिकारी के भबानीपुर सीट बरकरार रखने और नंदीग्राम छोड़ने के बाद यहां उपचुनाव होने हैं. लेकिन चुनाव से पहले ही प्रमुख उम्मीदवार के पीछे हटने से ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है.
नंदीग्राम उपचुनाव: ममता बनर्जी की कैंडिडेट ने पर्चा वापस लिया, शुभेंदु अधिकारी से शिष्टाचार भेंट की थी
संचिता प्रधान के नामांकन वापसी के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि वह नंदीग्राम से अब कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगी. उन्होंने यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार को अपना समर्थन देने की घोषणा की.

संचिता प्रधान के नामांकन वापसी के फैसले के बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि वह नंदीग्राम से अब कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगी. उन्होंने यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार को अपना समर्थन देने की घोषणा की.
शुक्रवार, 18 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर TMC को तोड़ने का आरोप लगाकर खूब बरसीं. उन्होंने ये भी कहा कि जब तक वह जिंदा हैं, TMC नहीं छोड़ सकतीं.
बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस टूट गई थी. उनके सांसद और विधायक बागी हो गए थे. पार्टी को अपना सिंबल तक गंवाना पड़ा. नंदीग्राम उपचुनाव में ममता ने जिस संचिता डे को उम्मीदवार बनाया, उन्हें चुुनाव आयोग ने फुटबॉल चुनाव चिह्न दिया. हालांकि, शुक्रवार, 18 सितंबर को संचिता ने अपना नामांकन वापस ले लिया. इससे पहले उनकी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात हुई थी, जिसे एक ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया गया था.
बीजेपी पर बरसीं ममतासंचिता के चुनाव से पीछे हटने के बाद ममता बनर्जी बीजेपी पर जमकर बरसीं. उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र का काला दिन बताया. चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि यह राजनीतिक पक्षपात है, जिसका मकसद सिर्फ एक पॉलिटिकल पार्टी (बीजेपी) के अहंकार को तुष्ट करना है. बीजेपी पर हमला करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने पहले उद्धव ठाकरे की पार्टी तोड़ी. फिर उनकी पार्टी से बीजेपी को सपोर्ट करने को कहा. लेकिन देशहित में उन्होंने ऐसा नहीं किया.
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ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव की काउंटिंग असल में (बीजेपी सरकार के इशारे पर) सीआरपीएफ के लोगों ने की. पुलिस (बीजेपी का) सबसे बड़ा हथियार बन गई है और TMC के कार्यकर्ताओं को BJP में शामिल होने के लिए मजबूर कर रही है.
ममता ने दावा किया कि उनकी पार्टी के ‘14 हजार कार्यकर्ता’ जेल में हैं. उन्हें उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी मिलने नहीं दिया जा रहा. बंगाल की पूर्व सीएम ने बीजेपी सरकार पर उन्हें नजरबंद करने का भी आरोप लगाया.
ममता बनर्जी ने कहा,
हम कभी सिर नहीं झुकाएंगे और वापसी करेंगे. जब तक मैं इस दुनिया से नहीं चली जाती, तब तक मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ सकती. मैं TMC की संस्थापक चेयरपर्सन हूं.
इसके बाद ममता ने नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवार न उतारने का ऐलान किया और ये भी कहा कि वह कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देंगी.
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