चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप लगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मारपीट का आरोप लगाने वाली महिला प्रदर्शनकारी (ऋतु बराला) को मीडिया के सामने बुलाकर कहा, ‘ये हमारी शेरनी है.’ और अब इसी मामले में दिल्ली पुलिस ने NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) की महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही FIR दर्ज कर ली है.
'कांग्रेस की शेरनी', राहुल के सपोर्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने की NSUI कार्यकर्ताओं पर FIR
NSUI के कार्यकर्ता चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शन कर रहे थे. आरोप है कि डिटेंशन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई. इनमें एक नाम ऋतु बराला का था, जिन्होंने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए थे. उनका महिला पुलिस के साथ झड़प का एक वीडियो भी सामने आया था. ऋतु बराला को राहुल गांधी ने 'शेरनी' बताया था.

तो आखिर प्रोटेस्ट में हुआ क्या था? ऋतु बराला ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए? राहुल गांधी ने इस मामले में क्या कहा? और अब दिल्ली पुलिस का क्या आरोप है? एक-एक करके समझते हैं.
क्या है पूरा मामला?इस पूरे मामले की शुरुआत 13 अक्टूबर को हुई. NSUI के कार्यकर्ता चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. NSUI का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी की और हिरासत में लेने के दौरान मारपीट की.
NSUI की ऋतु बराला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तीन बसों में बैठाया था. हर बस में करीब 30 से 40 लोग मौजूद थे. जिस बस में वो थीं, उसमें दो महिलाएं और करीब 20 से 30 दूसरे NSUI कार्यकर्ता थे. ऋतु के मुताबिक, उस बस में चंचल यादव नाम की एक महिला कांस्टेबल भी मौजूद थीं.
ऋतु का आरोप है कि जब उन्होंने और दूसरे कार्यकर्ताओं ने बस से उतरकर दोबारा प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश की, तो महिला कांस्टेबल ने उनका गला पकड़कर पीछे की तरफ धक्का दिया. इससे वह सीट पर गिर गईं.
उनका दावा है कि इसके बाद उनके चेहरे और कान के पास नाखून से खरोंचा गया. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें थप्पड़ भी मारा गया. आरोप ये भी है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बस से बाहर निकलने से रोकने की कोशिश की. इसी दौरान उनके साथ कथित तौर पर मारपीट हुई. अगले दिन, यानी 14 अक्टूबर को, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ महिला कार्यकर्ताओं के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे.
विनोद जाखड़ ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट को लेकर पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग की. उनका कहना था कि उन्हें DCP की तरफ से मौखिक आश्वासन दिया गया है कि 24 घंटे के भीतर FIR दर्ज कर ली जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो NSUI दोबारा पुलिस स्टेशन पहुंचेगा.
NSUI ने कहा कि उसके कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे. संगठन ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित मारपीट को गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है.
इसी बीच राहुल गांधी भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सामने आए. राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने ऋतु बराला को मीडिया के सामने पेश किया. राहुल गांधी ने महिला को ‘हमारी शेरनी’ बताते हुए कहा कि उसे पीटा गया, लेकिन वह डरी नहीं, उसके दिल में नफरत नहीं थी.
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पुलिस ने दर्ज की FIRअब इस मामले में अपडेट ये है कि दिल्ली पुलिस ने बस में हुई कथित झड़प के मामले में NSUI की महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है. रिपोर्ट में ये जानकारी पुलिस सूत्रों के हवाले से दी गई है. ये घटनाक्रम ऐसे वक्त में हुआ है, जब NSUI पहले पुलिस से अपनी महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट को लेकर FIR दर्ज करने की मांग कर रहा था.
फिलहाल, FIR में लगाए गए आरोपों, संबंधित धाराओं और पुलिस की ओर से मामले पर ऑफिशियल स्टेटमेंट आना बाकी है. इसलिए अभी ये साफ होना बाकी है कि पुलिस ने किन आरोपों और सबूतों के आधार पर ये कार्रवाई की है.
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