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रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के दिवाली बोनस का ऐलान, लेकिन हाथ में पैसा कितना आएगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एलिजिबल रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों की सैलरी के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे और 11 लाख 40,770 कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा.

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कैबिनेट के मुताबिक, रेलवे ने 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया. (Photo Courtesy: PTI & Unsplash.com)

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  • भारत सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को इस वर्ष 78 दिनों की सैलरी के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी है, जिससे लगभग 11.40 लाख कर्मचारियों को लाभ प्राप्त होगा।
  • रेलवे कर्मचारियों के शानदार प्रदर्शन और रिकॉर्ड माल एवं यात्री ढुलाई के कारण केंद्रीय कैबिनेट ने बोनस राशि बढ़ाने का निर्णय लिया है।
  • इस वर्ष बोनस पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जो पिछले वर्ष से लगभग 143.93 करोड़ रुपये अधिक है, जिससे अधिक कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।

भारत एक त्योहार प्रधान देश माना जाता है. और सितंबर-अक्टूबर इसका 'पीक टाइम'. दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली वाले इस मौसम में लोगों, खासकर रेलवे कर्मचारियों को एक खास ऐलान का इंतजार रहता है- बोनस का. भारत सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए इस साल के बोनस का अनाउंस कर दिया है. इस बार 78 दिनों की सैलरी के बराबर बोनस दिया जाएगा. करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की एक बैठक हुई. इसमें एलिजिबल (पात्र) रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों की सैलरी के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे और 11 लाख 40,770 कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा.

ये बोनस नॉन-गजेटेड यानी अराजपत्रित रेलवे कर्मचारियों को दिया जाएगा, जो आम तौर पर सी और डी कैटेगरी के तहत आते हैं. यानी इन कर्मचारियों के पास प्रशासनिक शक्ति नहीं होती. लिहाजा सैलरी भी ए और बी कैटेगरी के अधिकारियों से काफी कम होती है. यानी बोनस भी कोई बहुत भारी नहीं मिलेगा. लेकिन मिलेगा तो सही, यही खुशी-खुशी दिवाली मनाने के लिए काफी है. जो भी कर्मचारी बोनस के लिए योग्य होंगे उनको अधिकतम 17,951 रुपये मिल सकते हैं.

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अब जान लेते हैं कि बोनस कैलकुलेशन कैसे किया जाता है? रेलवे कर्मचारियों के बोनस कैलकुलेशन के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा ₹7,000 तय की गई है. इस हिसाब से 78 दिन के बोनस की अधिकतम रकम ₹17,951 बनती है. 

कैलकुलेशन:

₹7,000 × 12 × 78 ÷ 365 = ₹17,951

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यहां ये भी ध्यान देना जरूरी है कि ये मैक्सिमम अमाउंट है. हर कर्मचारी को असल में कितना बोनस मिलेगा ये उसकी पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर करेगा. बोनस रेलवे में अलग-अलग तरह के और पदों पर काम कर रहे कर्मियों को मिलेगा. जैसे- ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन और टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, मंत्रालय से जुड़े कर्मचारी, ग्रुप C के अन्य कर्मचारी.

कैबिनेट के मुताबिक, रेलवे ने 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया. इस दौरान रेलवे ने रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की और करीब 7.41 अरब मर्तबा यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया. रेलवे कर्मचारियों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए इस साल बोनस देने की मंजूरी दी गई है. इसका मकसद कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे रेलवे के कामकाज और प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अपना योगदान देते रहें.

इस साल के बोनस की पिछले साल से तुलना

पिछले साल 24 सितंबर, 2025 को केंद्रीय कैबिनेट ने बोनस का ऐलान किया था. तब भी सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों की सैलरी के बराबर बोनस देने की मंजूरी दी थी. साल 2025 में 10 लाख 91,146 कर्मचारियों को बोनस देने के लिए 1,865.68 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे. इस साल बोनस पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यानी पिछले साल के मुकाबले 143.93 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च किए जाएंगे. 

इसकी वजह ये है कि इस साल करीब 49,600 ज्यादा कर्मचारियों को बोनस मिलेगा. बोनस की अवधि और हर कर्मचारी को मिलने वाली अधिकतम राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है. पिछले साल भी 78 दिनों के बोनस की अधिकतम सीमा 17,951 रुपये थी.

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