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जर्मनी से दिल्ली आ रही एयर इंडिया फ्लाइट से आया हाईजैक का अलर्ट, जयपुर में लैंडिंग

Air India Plane Hijack का संकेत मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. सुबह करीब 9:10 बजे दिल्ली के वॉर रूम (WSO) से फ्लाइट का रूट बदलकर उसे Jaipur भेजने का फैसला किया गया. तब जाकर प्लेन को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया.

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जयपुर एयरपोर्ट पर प्लेन में सवार सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित बाहर निकाला गया. (Courtesy: ITG)

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  • जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया फ्लाइट AI-2030 को संदिग्ध हाईजैक एलर्ट के कारण जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया।
  • अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को फ्लाइट से Squawk-7500 हाईजैक संकेत मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने फ्लाइट का रूट बदलकर जयपुर भेजने का निर्णय लिया, जिससे जांच प्रक्रिया शुरू हुई।
  • डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) इस घटना की जांच कर रहा है और प्रारंभिक जांच में विमान परिचालन सामान्य पाया गया, यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट से मंजिल तक पहुँचाया जाएगा।
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शरत कुमार

भारत में सुरक्षा एजेंसियों की उस वक्त टेंशन बढ़ गई, जब जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया फ्लाइट से संदिग्ध हाईजैक अलर्ट भेजा गया. दिल्ली के बजाय जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. एयरपोर्ट पर एक अलग-थलग इलाके में प्लेन को ले जाया गया. फ्लाइट पर सवार सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित प्लेन से बाहर निकाला गया. शुरुआती जांच में कोई खतरे की खबर नहीं आई. फिलहाल, संदिग्ध अलर्ट कैसे भेजा गया, इसकी जांच चल रही है.

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बुधवार, 14 अक्टूबर को सुबह 9:35 बजे एयर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट AI-2030 की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार और अमित भारद्वाज की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों से पता चला कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) इस घटना की जांच कर रहा है. शुरुआती जांच में प्लेन का ऑपरेशन नॉर्मल पाया गया.

क्या है पूरा मामला?

14 अक्टूबर को सुबह करीब 9 बजे अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को प्लेन से कुछ सेकंड के लिए इमरजेंसी सिग्नल मिला. बताया जा रहा है कि प्लेन के पायलट ने कुछ सेकंड के लिए Squawk-7500 कोड भेजा. दुनिया भर में इस कोड को प्लेन हाईजैक या प्लेन में गैर-कानूनी दखल का संकेत माना जाता है.

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संकेत मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. सुबह करीब 9:10 बजे दिल्ली के वॉर रूम (WSO) से फ्लाइट का रूट बदलकर उसे जयपुर भेजने का फैसला किया गया. तब जाकर प्लेन को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया.

हाईजैक कोड कैसे एक्टिवेट हुआ?

इसके बाद सुबह 9:45 बजे प्लेन को जांच के लिए 'आइसोलेशन बे' में ले जाया गया. एयरपोर्ट पर आपात परिस्थितियों में विमानों को आइसोलेशन-बे में रखकर सुरक्षा जांच की जाती है. जयपुर एयरपोर्ट के हेड चरण सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि पायलट ने शायद गलती से ये कॉल किया होगा. उन्होंने यह भी कहा कि मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए जांच चल रही है.

संबंधित एजेंसियां ​​उन हालात की जांच कर रही हैं, जिनकी वजह से अलर्ट जारी किया गया और 'Squawk 7500' कोड एक्टिवेट हुआ. सामने आईं प्लेन की तस्वीरों में AI-2030 फ्लाइट पर विस्तारा की ब्रांडिंग है. प्लेन आइसोलेशन-बे में खड़ा दिख रहा है. विस्तारा का नवंबर 2024 में एयर इंडिया के साथ विलय हो गया था.

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अडानी ग्रुप ने क्या कहा?

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मैनेज और ऑपरेट करने वाले अडानी ग्रुप ने एक स्टेटमेंट जारी किया. अडानी एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने कहा कि AI-2030 में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें प्लेन से उतारा जा रहा है. ये भी कहा कि यात्रियों को उनकी मंजिल तक दूसरे प्लेन में बैठाया जाएगा. अडानी ग्रुप ने यात्रियों और उनके परिवार से अपील की कि वे मौजूदा हालात में घबराएं नहीं. अभी तक एयर इंडिया ने पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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