लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने टाटा समूह में नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद के तरीके की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस ग्रुप को 'आपराधिक तरीके से बर्बाद' किया जा रहा है और 'बिजनेस लीडर' इस पर चुप हैं. कांग्रेस सांसद की पोस्ट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी जवाब आया. उन्होंने कहा कि हर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.
'TATA को बर्बाद किया जा रहा', राहुल ने मोदी-शाह का नाम लिया, वित्त मंत्री ने कहा- 'भूत देखना बंद करें'
Rahul Gandhi Tata controversy Post: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एक्स पोस्ट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जवाब आया है. उन्होंने कहा कि हर मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 28 अक्टूबर को एक्स पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा,
“टाटा को आपराधिक तरीके से बर्बाद किया जा रहा है. और किसी भी कारोबारी लीडर में एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं है. आप कब तक चुप रहेंगे? क्या तब तक, जब तक वे आप पर पूरी तरह कब्जा न कर लें? इंडियन बिजनेस मोदी और शाह के खिलौने नहीं हैं. आप में हिम्मत की कमी है. हम में नहीं है. हम इन अपराधों के लिए न्याय दिलाकर रहेंगे.”
कांग्रेस सासंद के आरोपों पर निर्मला सीतारमण ने एक्स पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा. उन्होंने राहुल गांधी को हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचने की सलाह दी. पूछा कि क्या राहुल कारोबारी लीडर्स को भड़का कर अविश्वास और जहर फैलाने में अपने साथ जोड़ना चाहते हैं.
सीतारमण ने आरोप लगाया कि राहुल भारतीय उद्योग और उद्यमियों की सफलताओं की बार- बार आलोचना करते रहे हैं. उन्होंने आगे लिखा,
“क्या अब आप हमारे बिजनेस लीडर्स को भी अपने साथ मिलाकर अविश्वास और नफरत फैलाने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं? दशकों तक, आपकी पार्टी ने 'लाइसेंस-कोटा राज' के दमघोंटू माहौल में भारतीय उद्यमियों के हौसले को दबाए रखा. करोड़ों भारतीयों को गरीबी में धकेल दिया."
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि इसके उलट, पीएम नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार उद्योग को रोजगार देने वाला और आर्थिक विकास का इंजन मानती है. सरकार की नीतियां कारोबार को बढ़ावा देने, उद्योग की मदद करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई हैं.”
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उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों, नेताओं, सरकारों और संस्थाओं की बराबर जिम्मेदारी है. वह उद्योग का साथ दें, किसानों को मजबूत करें और युवाओं का भविष्य सुरक्षित बनाएं. ऐसे में बेबुनियाद आरोप लगाने की जगह रचनात्मक बातचीत जरूरी है. आखिर में उन्होंने लिखा,
“इतिहास इस बात का गवाह है कि किस तरह आपने, आपकी पार्टी ने और आपकी पार्टी से जुड़े प्रधानमंत्रियों ने न्यायपालिका का अपमान किया है. इसलिए राहुल जी, हर जगह भूत देखना बंद करें.”
टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस और उसकी सबसे बड़ी शेयर होल्डर टाटा ट्रस्ट्स के बीच कई मुद्दों पर मतभेद सामने आए हैं. इनमें कंपनी का नेतृत्व, शेयर बाजार में लिस्टिंग और कामकाज से जुड़े मुद्दे शामिल हैं. टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है.
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