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Arnab Cyclone: आंध्र से पुडुचेरी तक तबाही, सड़कों पर समुद्र का पानी, उखड़े पेड़-बिजली के खंभे

Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई, जिसके साथ तेज हवाएं भी चलीं. समुद्र का पानी तेजी से निचले इलाकों में घुस गया. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने लगे और बिजली आपूर्ति बुरी तरह चरमरा गई. सड़क पर ट्रैफिक पर भी असर पड़ा है.

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अर्नब चक्रवात ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी में तबाही मचाई. (Courtesy: ITG/PTI)

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  • चक्रवाती तूफान अर्नब का लैंडफॉल 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में शुरू हुआ, जिससे तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्री लहरें दर्ज की गईं।
  • चक्रवात अर्नब के कारण बारिश, तेज हवाओं और जलभराव के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पुडुचेरी में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
  • आपदा प्रबंधन और बचाव दल सक्रिय होकर प्रभावित इलाकों में राहत कार्य कर रहे हैं और मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है।

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तबाही का खतरा बढ़ा रहा है. बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह तूफान का लैंडफॉल शुरू हो गया. समुद्री लहरें तटीय सड़कों पर बहने लगीं. पेड़ उखड़ गए. आंध्र प्रदेश पुडुचेरी और ओडिशा के कई जिलों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं, जलभराव, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

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मौसम विभाग ने क्या कहा?

IMD ने 28 अक्टूबर को बताया कि अर्नब चक्रवात थोड़ा कमजोर हुआ है. पहले इसे 'बहुत गंभीर' कैटेगरी में रखा गया, लेकिन IMD ने सुबह 8:30 बजे इसे फिर से 'गंभीर' चक्रवात की कैटेगरी में डाल दिया है. तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को कमजोर मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

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आंध्र प्रदेश-ओडिशा के तट पर अर्नब का असर

28 अक्टूबर को रात 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच अर्नब चक्रवात ने आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम तटों को पार कर दिया. हवा की मैक्सिमम स्पीड 125-135 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि हवा के झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रहे थे. IMD ने कहा कि लैंडफॉल प्रोसेस (चक्रवात में समुद्र के पानी का तट की सड़कों पर आना) पूरा हो गया है.

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई, जिसके साथ तेज हवाएं भी चलीं. समुद्र का पानी तेजी से निचले इलाकों में घुस गया. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने लगे और बिजली आपूर्ति बुरी तरह चरमरा गई. सड़क पर ट्रैफिक पर भी असर पड़ा है. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. तबाही की तस्वीरें और वीडियो अब सामने आ रहे हैं.

कई फ्लाइट्स रद्द, उड़ान में रुकावट

अर्नब चक्रवात के कारण फ्लाइट में ऑपरेशनल दिक्कतें आ रही हैं. तमिलनाडु की चेन्नई एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि चेन्नई एयरपोर्ट और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी एयरपोर्ट के बीच 28 अक्टूबर को आने-जाने वालीं 12 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं.

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कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NSCBI Airport) से भी आने-जाने वाली कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं. या उनमें रुकावट आ रही है. अधिकारियों की घोषणा के मुताबिक, इंडिगो की पांच फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं और अलग-अलग एयरलाइंस की कई दूसरी फ्लाइट्स में रुकावट आई है.

बंगाल और पुडुचेरी में भी असर

ओडिशा के गंजाम जिले में गोपालपुर बीच की सुबह के विजुअल आए. अर्नब चक्रवात के तट से टकराने के दौरान समुद्र में उथल-पुथल, तेज हवाओं और भारी बारिश देखी गई.

पश्चिम बंगाल में भी अर्नब चक्रवात का असर देखने को मिला. बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में दीघा बीच पर समुद्र में उथल-पुथल और तेज हवाएं देखी गईं. तटीय इलाके पर अर्नब का असर होने से बंगाल में ऐसा हुआ.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि चक्रवात अर्नब में तेज हवाओं के कारण पुडुचेरी में नेशनल हाईवे 216 पर कई पेड़ उखड़ गए हैं. ये घटना यानम एंट्रेंस के पास हुई. यानम में पेड़ गिरने के साथ बिजली के खंभे गिरने के भी वीडियो सामने आए.

मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया

लगातार बारिश और जलभराव के कारण नदियों, नालों और निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ सकता है. ऐसे में लोगों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और बिना जरूरत घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है.

चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए मछुआरों को आंध्र प्रदेश, ओडिशा और यानम के तटीय इलाकों के आसपास समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है. समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं के कारण नाव के पलटने और जान-माल के नुकसान का खतरा बना हुआ है.

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प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां की हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें अलर्ट पर हैं और काम में लगी हुई हैं. निचले और बाढ़ संभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है.

वीडियो: Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा तूफान, यूपी-एमपी तक खतरा?

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