भोपाल की एक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामले में प्यारे मियां नाम के शख्स को सख्त सजा सुनाई है. 78 साल की उम्र के दोषी को 10 बार उम्रकैद की सजा दी गई है. साथ ही, 77 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना. इनमें आठ सजाएं ऐसी हैं, जिनके तहत उसे अपनी बाकी जिंदगी जेल में बितानी होगी. दो अन्य मामलों में भी उसे उम्रकैद की सजा मिली है.
78 की उम्र में प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद की सजा, नौकरी के नाम पर करता था दरिंदगी
भोपाल की एक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामले में प्यारे मियां नाम के शख्स को 10 बार उम्रकैद की सजा सुनाई है. इनमें आठ सजाएं ऐसी हैं, जिनके तहत उसे अपनी बाकी जिंदगी जेल में बितानी होगी.

इस मामले में उसकी सहयोगी राबिया बी को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है. कोर्ट ने तीन पीड़िताओं के पुनर्वास और भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें 4-4 लाख रुपये देने का निर्देश भी दिया है. लेकिन सवाल है कि प्यारे मियां को 10 बार उम्रकैद की सजा देने का मतलब क्या है? बच्चियों को अपने जाल में कैसे फंसाता था? और पुलिस उस तक कैसे पहुंची? सब बताएंगे.
10 बार मिली उम्रकैदइसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए, किसी व्यक्ति ने 10 अलग-अलग हत्याएं कीं. जांच में उसके खिलाफ सभी अपराध साबित हो गए. कोर्ट हर अपराध के लिए अलग सजा सुना सकती है. प्यारे मियां के मामले में भी कोर्ट ने अलग-अलग अपराधों के लिए 10 सजाएं सुनाई हैं. इनमें आठ सजाएं उसकी जिंदगी के आखिरी दिन तक जेल में रखने की हैं. बाकी दो उम्रकैद की सजाएं हैं.
लेकिन एक बात ध्यान देने वाली है. प्यारे मियां की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी. इसका मतलब ये नहीं है कि उसे 10 उम्रकैद की सजाएं एक के बाद एक पूरी करनी होंगी. आठ सजाओं में उसे अपनी बाकी जिंदगी जेल में बितानी होगी. इसके अलावा अदालत ने उस पर कुल 77 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
प्यारे मियां कौन है?प्यारे मियां मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘दैनिक अफकार’ नाम का अखबार निकालता था. ये उर्दू का अखबार था, जो देवनागरी लिपि में छपता था. उसका पूरा नाम अब्दुल अय्यूब है. इस मामले में प्रॉसिक्यूशन के मुताबिक, वो साल 2014 से नाबालिग बच्चियों को निशाना बना रहा था.
वो बच्चियों को अपने घर में नौकरी दिलाने का लालच देता था. इसके बदले हर महीने 10 हजार रुपये देने की बात कहता था. बच्चियों और उनके परिवारों का भरोसा जीतने के लिए वो उनके घर भी जाता था. धार्मिक कार्यक्रमों में भी शामिल होता था. इस काम में उसकी सहयोगी राबिया बी मदद करती थी. अभियोजन के मुताबिक, वह बच्चियों को प्यारे मियां तक लेकर जाती थी.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक 11 जुलाई 2020 को भोपाल के रातीबड़ इलाके में पुलिस को पांच नाबालिग बच्चियां नशे की हालत में मिलीं. पुलिस ने बच्चियों से पूछताछ की. उनकी काउंसलिंग भी कराई गई. इसी दौरान एक बच्ची ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया. इसके बाद मामले की परतें खुलने लगीं.
बच्चियों के साथ यौन शोषणरिपोर्ट के मुताबिक, बच्चियों ने बताया कि उन्हें भोपाल के शाहपुरा इलाके में एक फ्लैट में जन्मदिन मनाने के बहाने बुलाया गया था. वहां उन्हें शराब पिलाई गई. फिर उनके साथ यौन शोषण किया गया. बच्चियों की शिकायत के बाद पुलिस ने फ्लैट की जांच की. वहां से शराब और आपत्तिजनक सामान मिला. इसके बाद प्यारे मियां समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
जांच के दौरान पुलिस को फ्लैट से हिडन कैमरे और एक पिस्टल भी मिली. जांच में सामने आया कि कैमरों की मदद से बच्चियों के वीडियो बनाए जाते थे. आरोप था कि बाद में इन वीडियो के जरिए बच्चियों को ब्लैकमेल किया जाता था. यानी नौकरी और भरोसे का लालच देकर उन्हें फंसाने के बाद डराने का भी आरोप था. पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और प्यारे मियां की तलाश शुरू की.
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श्रीनगर जाकर छुप गया प्यारे मियांमामला सामने आने के बाद प्यारे मियां पुलिस की गिरफ्त से बचने की कोशिश करने लगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो पहले मध्य प्रदेश के आष्टा पहुंचा. वहां अपनी गाड़ी छोड़ने के बाद टैक्सी से इंदौर गया. इसके बाद उसने इंदौर से दिल्ली की फ्लाइट ली. फिर दिल्ली से श्रीनगर पहुंच गया. पुलिस को उसके श्रीनगर में होने की जानकारी मिली. इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया. फिर उसे भोपाल लाया गया और मामले में मुकदमा चला.
स्पेशल पॉक्सो कोर्ट की जज कुमुदिनी पटेल की कोर्ट ने अपराध को क्रूर और असहनीय बताया. कोर्ट ने कहा कि जिस उम्र में प्यारे मियां को बच्चियों की देखभाल और सुरक्षा करनी चाहिए थी, उसी उम्र में वो उनके लिए डर और असुरक्षा का कारण बन गया. कोर्ट के मुताबिक, ऐसे अपराधों का असर सिर्फ घटना तक सीमित नहीं रहता. इससे पीड़िताओं का भविष्य प्रभावित होता है. समाज का भरोसा भी टूटता है.
इसी को ध्यान में रखते हुए अदालत ने प्यारे मियां को 10 अलग-अलग उम्रकैद की सजाएं सुनाई. ये मामला जुलाई 2020 में सामने आया था. करीब 6 साल बाद कोर्ट ने इसमें सजा सुनाई है.
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