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सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर निकला बुजुर्ग से साइबर ठगी का आरोपी, ₹10 करोड़ की रकम 5435 खातों में घुमा डाली

Pune digital arrest scam: आरोपियों ने सीबीआई ऑफिसर बनकर एक 82 साल के बुजुर्ग से 10 करोड़ 74 लाख 65 हजार रुपये की ठगी की थी. इसमें मुख्य आरोपी रोहन जाधव पाया गया है जो एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है.

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आरोपियों ने 82 साल के बुजुर्ग से लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी की थी. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर रोहन रामेश्वर जाधव को 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें वह मुख्य आरोपी बताया गया है।
  • ठगी की घटना एक 82 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति से हुई, जिसे आरोपी और उसके साथियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर डराया और लाखों रुपये ट्रांसफर करवाए।
  • पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है कि इस ठगी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं, साथ ही ठगी के पैसे कई बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे।

एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को कथित तौर पर 10 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी का नाम रोहन रामेश्वर जाधव है. पुलिस ने उसकी बैंक एक्टिविटी, आर्थिक लेन-देन और अन्य आरोपियों के साथ उसके कनेक्शन से जुड़े सबूत जुटाने के बाद उसे गिरफ्तार किया.

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26 वर्षीय आरोपी डिजिटल अरेस्ट के एक मामले का मुख्य आरोपी बताया गया है. उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर पुणे के रहने वाले एक 82 साल के बुजुर्ग से करीब 10 करोड़ 74 लाख 65 हजार रुपये लूटे थे. 

इंडिया टुडे से जुड़े श्रीकृष्ण जगन्नाथ पांचाल की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को CBI का अधिकारी बताया. बुजुर्ग को फोन कर उनके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज होने और गिरफ्तारी की बात कहकर डराया. परिवार के सदस्यों को भी गिरफ्तार करने की बात कही. 

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फिर पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में 10 करोड़ 74 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया. बुजुर्ग ने ऐसा ही किया. लेकिन जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस को जानकारी दी.  

पुलिस ने मामले में कई आरोपियों की मिलीभगत पाई. जांच में पता लगा कि ठगी की रकम में से एक बड़ा हिस्सा एक बैंक खाते में जमा किया गया. फिर यह पैसा अलग-अलग बैंकों में ट्रांसफर कर दिया. बताया गया कि ठगी की रकम को 5435 बैंक खातों में ट्रांसफर करके घुमाया गया था.

कई खातों में घुमाया ठगी का पैसा

साइबर क्राइम पोर्टल से मिली जानकारी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की. मामले में पहले ही हर्षद सुभाष धंतोले, समर्थ सुरेश देशमुख और अमर शिवाजी अत्तारगी को बतौर आरोपी गिरफ्तार कर लिय गया था. जांच में रोहन जाधव का नाम सामने आया था. 

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रोहन जाधव के संपर्क कथित तौर पर साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गुटों तक से थे. इसी आधार पर उसके खिलाफ अदालत से नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया था.

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ठाणे साइबर पुलिस थाने ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. आगे जांच की जा रही है कि इस बड़े साइबर ठगी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं.

कौन है रोहन जाधव?

रोहन जाधव मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर का रहने वाला है. 2022 से वो पिंपळे निलख इलाके में रह रहा था. इंस्टाग्राम पर 2022 से एक्टिव है. उसे रील्स बनाने का शौक है. उसने BSc में ग्रेजुएशन की है.

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