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एयर इंडिया फ्लाइट के पायलट की बॉडी में मिला था गांजा, अब DGCA को सरकार का बड़ा आदेश

Air India pilot Marijuana test: DGCA से कहा गया है कि वह दूसरे देशों के साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच करने का तरीका देखे. फिर पता करे कि क्या भारत के मौजूदा नियमों को बदलने की या और सख्त करने की जरूरत है.

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दूसरी बार एविएशन कर्मचारी का टेस्ट पॉजिटिव टेस्ट पाए जाने पर लाइसेंस तीन साल के लिए सस्पेंड किया जा सकता है. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने DGCA से पायलटों के डोप टेस्ट नियमों की समीक्षा करने को कहा है।
  • 4 अगस्त को एयरबस A320 में तेज टर्बुलेंस आई थी, जिसमें 20 यात्री और 4 क्रू सदस्यों के घायल होने के साथ ही पायलट के नशीले पदार्थ टेस्ट पॉजिटिव आने की घटना पृष्ठभूमि बनी।
  • DGCA अंतरराष्ट्रीय मानकों की जांच के बाद नियमों में बदलाव पर विचार करेगा और AAIB द्वारा जारी जांच के परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में पायलट-इन-कमांड का मारिजुआना टेस्ट पॉजिटिव आया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से पायलटों के डोप टेस्ट (नशीला पदार्थ) के मौजूदा नियमों की समीक्षा करने के लिए कहा है.

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DGCA से कहा गया है कि वह दूसरे देशों के साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच करने का तरीका देखे. फिर पता करे कि क्या भारत के मौजूदा नियमों को बदलने की या और सख्त करने की जरूरत है.  

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में फ्लाइंग क्रू की जांच की प्रक्रिया अभी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि जब DGCA अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की समीक्षा पूरी कर लेगी तब नियमों में बदलाव पर विचार किया जाएगा.

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DGCA के मौजूदा नियम

- पहली बार साइकोएक्टिव पदार्थों के टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने पर एविएशन कर्मी को रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम के लिए भेजा जाएगा.

- दूसरी बार पॉजिटिव टेस्ट आने पर उस व्यक्ति का लाइसेंस तीन साल के लिए सस्पेंड किया जा सकता है.

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- तीसरी बार पॉजिटिव टेस्ट आने पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है.

मंत्रालय बारीकी से नियमों पर रख रहा नजर

सिविल एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू ने पहले कहा था कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है. अगर मौजूदा नियम नाकाफी पाए गए तो बदलावों पर विचार करेगी.

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) एयर इंडिया की घटना पर जांच कर रही है. तकनीकी, ऑपरेशनल, मेडिकल और मानवीय पहलुओं से जुड़े सबूतों की जांच की जा रही है. इसमें एयरक्राफ्ट सिस्टम, फ्लाइट डेटा, ऑपरेशन और मेंटेनेंस रिकॉर्ड, मेडिकल जानकारी और इंटरव्यू शामिल हैं.

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AAIB ने कहा है कि जांच जारी रहने के दौरान किसी एक जानकारी के आधार पर कोई नतीजा न निकाला जाए. क्योंकि यह जांच स्वतंत्र और सबूतों पर आधारित है.

क्या थी पूरी घटना?

4 अगस्त को एयरबस A320 में काफी तेज टर्बुलेंस आया था. इससे फ्लाइट अचानक हवा में करीब 300 फीट नीचे आ गई थी. उस समय विमान में 137 लोग सवार थे, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे. फ्लाइट में दो पायलट और 6 केबिन सदस्यों मिलाकर कुल 8 क्रू मेंबर्स थे. सरकार के बयान के मुताबिक, घटना में 20 पैसेंजर और 4 क्रू मेंबर्स घायल हुए. बाद में फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुई.

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