आपकी गाड़ी पर ई-चालान (e-challan) फटा है. अजी मान भी लीजिए कि फटा है क्योंकि कोई विरला ही होगा जिसकी गाड़ी पर चालान नहीं फटा होता. हां ये हम आपकी तरफ से मान लेते हैं कि जब चालान फटा तो शायद आपकी गलती नहीं थी. माने जेब्रा क्रॉसिंग पर एक बिलांद टायर आगे रह गया तो क्या ही कहें. चलिए ई-चालान फट गया. मैसेज भी आ गया और जुर्माना भी पता चल गया. माने मामला एकदम असली है. लेकिन क्या ये चालान वैध है? आप सही पढ़ रहे. ई-चालान असली है, लेकिन क्या वो वैध है. हम बताते मामला है क्या.
पुलिसकर्मी के मोबाइल से बना ई-चालान वैध है या नहीं?
सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के रूल 167A के मुताबिक, ई-चालान आधिकारिक तौर पर मंज़ूर और सर्टिफ़ाइड इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट डिवाइस का इस्तेमाल करके ही जारी किया जाना चाहिए. अगर ऐसा नहीं है तो चालान असली होते हुए भी वैध नहीं है.

चालान के असली होने लेकिन वैध नहीं होने की वजह चालान बनाने वाले मोबाइल से जुड़ी है. आपने देखा होगा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस वाले अपना मोबाइल निकालकर उससे फोटो खींचकर चालान इशू कर देते हैं. आपको जानकर हैरत हो सकती है कि ऐसा करना गैरकानूनी है. सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के रूल 167A के मुताबिक, ई-चालान आधिकारिक तौर पर मंज़ूर और सर्टिफ़ाइड इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट डिवाइस का इस्तेमाल करके ही जारी किया जाना चाहिए.
आसान भाषा में कहें तो ई-चालान इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट डिवाइस जैसे स्पीड कैमरा, CCTV कैमरा, स्पीड गन, बॉडी पर पहने जाने वाले कैमरे, डैशबोर्ड कैमरा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) से ही जारी हो सकते हैं. ना कि किसी भी पुलिस अधिकारी के पर्सनल मोबाइल से. ई-चालान पर लोकेशन का इलेक्ट्रॉनिक स्टाम्प, तारीख और समय, और डिवाइस का नाम दर्ज होना चाहिए.

जो आपको लगे कि ऐसा ही होता होगा तो नहीं जनाब. नियम के बावजूद भी कई ई-चालान पर्सनल मोबाइल से इशू होते हैं. Jammu & Kashmir हाई कोर्ट की वकील Ahra Syed का केस इसका सबसे बड़ा सबूत है. Ahra Syed के नाम पर पांच ई-चालान थे. वो पहुंच गईं Special Mobile Magistrate (Traffic) कोर्ट. पता चला कि पांचों चालान पर्सनल मोबाइल से इशू थे.
कोर्ट ने 5 मई 2026 को सारे चालान कैंसिल कर दिए. साथ ही पुलिस को आधिकारिक डिवाइस से ही चालान इशू करने को कहा. साल 2025 में नासिक ट्रैफिक पुलिस के डायरेक्टर जनरल भी ट्रैफिक पुलिस को पर्सनल मोबाइल से चालान इशू करने को लेकर आदेश दे चुके हैं.
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आपके मन में सवाल होगा कि पता कैसे चलेगा कि ई-चालान मोबाइल से बना है या आधिकारिक डिवाइस से. परिवहन विभाग की वेबसाइट या चालान इशू करने वाले ट्रैफिक विभाग की वेबसाइट पर जाकर चालान डाउनलोड कीजिए. अगर लोकेशन से लेकर तारीख और समय उसमें दिख रहा तो डिवाइस से बना है और अगर ये डिटेल अलग से दिख रहे तो पर्सनल डिवाइस इस्तेमाल हुआ है. आप इसके लिए वेबसाइट पर शिकायत कर सकते हैं.
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