जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में 31 जुलाई को आतंकी हमला हुआ है. आतंकियों ने ईंट भट्टे पर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया. उनके हमले में एक मजदूर की मौत हो गई है, वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हुआ है. आतंकियों ने देर शाम कुलगाम जिले के केलम इलाके में दोनों प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया. हमले के बाद उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया.
जम्मू कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों को मारी गोलियां, एक की मौत
जम्मू कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया है. इस हमले में एक मजदूर की मौत हो गई, वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल है. दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं. पिछले 10 दिनों में ये कश्मीर में दूसरा आतंकी हमला है.

छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे मजदूर
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ये दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे. इनकी पहचान दीपक और भूपिंदर के तौर पर हुई है. दीपक ने स्थानीय अस्पताल पहुंचते ही दम तोड़ दिया. वहीं भूपिंदर को बेहतर इलाज के लिए अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है.
आतंकी हमले की खबर मिलते ही सिक्योरिटी फोर्सेज मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है. स्थानीय पुलिस भी आतंकियों की तलाश में जुट गई है.
उपराज्यपाल ने की हमले की निंदा
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने एक्स पर लिखा,
कुलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले में हमले में छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की मौत हो गई. इस घटना के बाद मैंने डीजीपी नलिन प्रभात और सीनियर सिक्योरिटी फोर्सेज से बात की है. मैंने सिक्योरिटी फोर्सेज को ऑपरेशन तेज करने और आतंकियों को खत्म करने का निर्देश दिया है. जम्मू कश्मीर पुलिस और सिक्योरिटी फोर्सेज ने इलाके की घेराबंदी कर ली है. और दोषियों को सजा देने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है.
मनोज सिन्हा ने बताया कि घायल मजदूर को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है और घायल मजदूर के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की है.

22 जुलाई को अनंतनाग में हुआ था हमला
इससे पहले 22 जुलाई को भी जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में एक आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की मौत हो गई. आशिक भारतीय रिजर्व (IR) की तीसरी बटालियन में कांस्टेबल थे और बडगाम जिले के रहने वाले थे. लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने सोशल मीडिया पोस्ट करके इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
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