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'4 महीने से वीक ऑफ तक नहीं मिला', दफ्तर में उत्पीड़न से तंग आकर महिला ने जान दे दी

कर्नाटक के मैसूर में एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. सुसाइड नोट में उसने ऑफिस में उत्पीड़न, चार महीने तक वीकली ऑफ न मिलने और इमरजेंसी लीव से रोके जाने का आरोप लगाया.

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कर्नाटक में महिला ने आत्महत्या कर ली. (सांकेतिक फोटो- India Today)

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  • मैसूर में नागेश्वरी नामक महिला ने अपने सुसाइड नोट में कार्यालय में उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कथित आत्महत्या की घटना का उल्लेख किया है।
  • नागेश्वरी को चार महीनों से वीकली ऑफ और इमरजेंसी लीव नहीं मिली थी और वह दफ्तर में बिना गलती के टारगेट की गई थी, जिससे मानसिक तनाव बढ़ा।
  • पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतक के परिवार द्वारा न्याय मांगने के बाद कार्यालय में उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही है।

कर्नाटक के मैसूर से आई एक खबर ने वर्कप्लेस में कर्मचारियों के शोषण को लेकर चिंता बढ़ा दी है. यहां एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या कर जान दे दी. अपने सुसाइड नोट में महिला ने आरोप लगाया कि दफ्तर में उसके साथ उत्पीड़न किया गया. 4 महीने से उन्हें वीक ऑफ या कोई इमरजेंसी लीव नहीं मिली. इतना ही नहीं, उन बातों के लिए भी उन्हें टारगेट किया गया, जिसमें उनकी कोई गलती नहीं थी. नोट में महिला ने डॉली नाम की किसी सुपरवाइजर का नाम भी लिया है. 

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एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आत्महत्या करने वाली महिला का नाम नागेश्वरी है. वह हिनाकल में रिलायंस मार्ट में टाटा प्रोडक्ट्स प्रमोटर के रूप में काम करती थी. उसे पीपीएमएस एजेंसी नाम की एक मार्केटिंग कंपनी के जरिए ये नौकरी मिली थी. नागेश्वरी के परिवार के अनुसार, वो पिछले 15 दिनों से मानसिक रूप से काफी परेशान थी. दफ्तर में उसका उत्पीड़न किया जा रहा था.

अपने सुसाइड नोट में नागेश्वरी ने दफ्तर के बड़े अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन लोगों ने उसे उन बातों पर परेशान किया, जिसमें उनकी कोई गलती नहीं थी. उन्हें बिना मतलब निशाना बनाया जाता था. इसके अलावा, उन्हें चार महीने से वीकली ऑफ भी नहीं दिया गया. साथ ही इमरजेंसी लीव लेने से भी रोका गया. जब उन्होंने अपने साथ हो रहे ऐसे बर्ताव पर सवाल उठाया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया.

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सुसाइड नोट में नागेश्वरी ने कथित तौर पर डॉली नाम की एक सुपरवाइजर का नाम लिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके उत्पीड़न ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया.

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नागेश्वरी की मां रत्नाम्मा ने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग की है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया. छोटी-छोटी बातों पर भी उसे परेशान किया जाता था. पिछले 15 दिनों से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थी. रत्नाम्मा ने कहा कि उत्पीड़न और नौकरी से निकाले जाने के बाद बेटी ने आत्महत्या कर ली. 

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पुलिस इस मौत और ऑफिस में हैरसमेंट के आरोपों की जांच कर रही है.

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